प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर ऐतिहासिक संबोधन देते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक निर्णायक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून 25-30 साल पहले ही लागू हो जाना चाहिए था, जिससे देश की राजनीति और भी परिपक्व हो सकती थी।
PM मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि इस बिल को सर्वसम्मति से पास किया जाना चाहिए, ताकि यह देश के लोकतंत्र की मजबूत नींव बन सके।
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“देश को नई दिशा देने का मौका”
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के जीवन में कुछ ऐसे क्षण आते हैं, जो इतिहास को नई दिशा देते हैं। यह वही अवसर है जब देश मिलकर एक नई राजनीतिक और सामाजिक दिशा तय कर सकता है।
उन्होंने कहा कि इस मंथन से निकला “अमृत” भारत की राजनीति के स्वरूप और देश की दिशा-दशा दोनों को तय करेगा।
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women's reservation and delimitation, Prime Minister Narendra Modi says, "I said at the outset that we are all fortunate to have the opportunity to participate in such an important, nation-building process involving half the country's… pic.twitter.com/KmgfLnIkZZ
— ANI (@ANI) April 16, 2026
“विरोध करने वालों को महिलाएं माफ नहीं करेंगी”
PM मोदी ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी इस बिल का विरोध करेगा, उसे राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और अपने अधिकारों को लेकर सजग हैं।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले भी महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा है।
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women's reservation and delimitation, PM Modi says, "I'd also like to offer advice to those who think only in political terms. Ever since the discussion about women's reservations began in our country, and every election that followed, whoever… pic.twitter.com/KhvBYrlXLx
— ANI (@ANI) April 16, 2026
“महिलाओं को नीति निर्धारण में शामिल करना जरूरी”
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का मतलब सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक विकास नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि देश की 50% आबादी यानी महिलाएं नीति निर्धारण का हिस्सा बनें।
उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर संसद तक महिलाएं सक्रिय भूमिका निभाना चाहती हैं और अब उन्हें यह अवसर देना समय की मांग है।
“महिलाएं अब वोकल हो चुकी हैं”
PM मोदी ने कहा कि पिछले 25-30 वर्षों में पंचायत स्तर पर लाखों महिलाएं नेतृत्व कर चुकी हैं और अब वे ‘वोकल’ हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि अब महिलाएं सिर्फ समझती ही नहीं, बल्कि खुलकर अपनी बात भी रखती हैं और राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी चाहती हैं।
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women's reservation and delimitation, Prime Minister Narendra Modi says, "In the 21st century, India is moving forward with a new self-confidence. We all feel India's acceptance in the world today. This is a moment of pride for all of us. I… pic.twitter.com/KCQfOenxAz
— ANI (@ANI) April 16, 2026
“सीमा से बाहर निकलें, राजनीति न करें”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र का विषय है।
उन्होंने विपक्ष को यह भी कहा कि अगर वे चाहें तो इस बिल का पूरा श्रेय ले सकते हैं, क्योंकि यह देशहित में लिया गया निर्णय है।
#WATCH | Speaking in Lok Sabha on women's reservation and delimitation, Prime Minister Narendra Modi says, "Jo aaj virodh karenge usko lambe samay tak keemat chukani padegi…"
(Source: Sansad TV) pic.twitter.com/cGmwOZGmpG
— ANI (@ANI) April 16, 2026
“अब और देरी नहीं होनी चाहिए”
PM मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण में पहले ही काफी देरी हो चुकी है और अब इसे और टालना सही नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर और देरी हुई तो महिलाओं का भरोसा डगमगा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह महिलाओं का अधिकार है, कोई दान नहीं, और इसे जल्द लागू करना जरूरी है।
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