कांग्रेस समर्थक यूट्यूबर और पत्रकार Ajit Anjum एक साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, जिसमें उन्हें लगभग ₹11,000 का नुकसान हुआ है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी साझा की और बताया कि यह एक WhatsApp आधारित QR कोड स्कैम था।
कैसे हुआ साइबर फ्रॉड?
अजीत अंजुम के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब वे अपने दफ्तर से बाहर थे। इसी दौरान उन्हें कोलकाता में रहने वाले पत्रकार मित्र Prabhakar Mani Tiwari के WhatsApp नंबर से संदेश मिला।
संदेश में दावा किया गया कि उनका UPI अकाउंट ब्लॉक हो गया है और तुरंत QR कोड के जरिए पैसे भेजने की जरूरत है।
बार-बार QR कोड भेजकर ठगी
अंजुम ने बताया कि उन्होंने बिना पुष्टि किए अपने सहयोगी से पैसे ट्रांसफर करवा दिए। कई बार एक ही राशि का QR कोड भेजा गया और कुल मिलाकर पांच से अधिक ट्रांजेक्शन किए गए।
उन्होंने कहा कि हर बार संदेश आने पर उन्होंने भरोसा करके भुगतान कर दिया, लेकिन बाद में उन्हें शक हुआ।

कब हुआ शक?
जब छठी बार पैसे मांगे गए तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने सीधे फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जवाब नहीं मिला।
बाद में दूसरे नंबर से संपर्क करने पर पता चला कि उनके मित्र का WhatsApp अकाउंट हैक हो चुका है और उसी के जरिए कई लोगों से पैसे मांगे जा रहे थे।
कितनी हुई ठगी?
अजीत अंजुम के अनुसार, इस साइबर फ्रॉड में उन्हें करीब ₹11,000 का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह एक लापरवाही और सोशल इंजीनियरिंग आधारित ठगी थी।
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