उत्तर प्रदेश में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू हो चुका है, जिसकी कमान स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाल ली है। सीएम योगी ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश की जनता के संसाधन केवल नागरिकों के हित में उपयोग होंगे, किसी भी घुसपैठिए के लिए नहीं। उनका संदेश साफ है—प्रदेश की सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सोमवार (8 नवंबर 2025) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘योगी की पाती’ जारी करते हुए एक्स (X) पर लिखा, “उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है।” यह संदेश प्रदेश में अवैध विदेशियों के मुद्दे पर सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है।
मैं प्रदेश की जागरूक जनता से… pic.twitter.com/2u0CP0AapW
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 8, 2025
कानून व्यवस्था पर स्पष्ट रुख
‘योगी की पाती’ में सीएम योगी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि घुसपैठियों के लिए लाल कालीन नहीं बिछाई जा सकती। इसी आधार पर प्रदेश में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने सभी नगर निकायों और जिलों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर सूची तैयार करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही हर मंडल में डिटेंशन सेंटर स्थापित करने और सत्यापन अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम योगी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र नागरिकों को ही मिलेगा। किसी भी परिस्थिति में घुसपैठियों को इन योजनाओं का हिस्सा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संसाधनों पर अनधिकृत बोझ हटाना आवश्यक है और इसी उद्देश्य से दस्तावेज़ सत्यापन का व्यापक अभियान शुरू किया गया है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को नौकरी देने से पहले उसकी पहचान सुनिश्चित करें। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और प्रदेश की सुरक्षा में योगदान देने का आग्रह किया। संदिग्ध गतिविधियों या व्यक्तियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने की सलाह भी दी गई है।
योगी आदित्यनाथ के अनुसार, प्रदेश की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि सुरक्षा ही विकास और समृद्धि की आधारशिला है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि घुसपैठियों को चिन्हित कर डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा है और उनके खिलाफ आगे कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों के खिलाफ और भी सख्त कानून व व्यवस्था लागू होगी।
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