अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ ऐसा व्यवहार किया जिसने दुनिया भर में चर्चा पैदा कर दी। ट्रंप ने शरीफ को अपनी तारीफ करते हुए खड़े होने का आदेश दिया और 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव पर अपनी मध्यस्थता का दावा किया।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान दोनों देशों को परमाणु हथियारों से लैस होने के बावजूद 200 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी थी। उन्होंने दावा किया कि इस दबाव के चलते दोनों देश युद्ध से रुक गए। इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरीफ से बातचीत कर समझौता कराया और 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई।
Trump to Pak PM- Stand up
Shahbaz Sharif immediately stands up 🤣🤣pic.twitter.com/YwMljX6gsF
— Frontalforce 🇮🇳 (@FrontalForce) February 20, 2026
हालांकि, भारत ने लगातार इन दावों को खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि युद्धविराम दोनों देशों की सेनाओं के DGMO के बीच सीधे संवाद से हुआ था, किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से नहीं। इस सैन्य टकराव की पृष्ठभूमि में भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलाम हमले का जवाब थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे।
ट्रंप ने पहले भी बार-बार दावा किया है कि उनके पहले साल में व्हाइट हाउस ने आठ युद्धों को रोका, और भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोकने का श्रेय उन्होंने 80 से अधिक बार लिया। इस बार के बयान में उन्होंने युद्धविराम की संख्या और बचाई गई जिंदगियों का आंकड़ा बढ़ाकर पेश किया।
इस घटना से शहबाज शरीफ के लिए बोर्ड ऑफ पीस में एक असहज पल पैदा हो गया, जबकि ट्रंप ने इसे अपनी कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश किया।
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