भारत-बांग्लादेश सीमा पर पश्चिम बंगाल में लंबे समय से रुका बॉर्डर फेंसिंग का काम अब शुरू हो गया है। राज्य सरकार द्वारा जमीन उपलब्ध कराए जाने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने फेंसिंग और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। हालांकि, इस दौरान सीमा क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली।
फेंसिंग के दौरान बढ़ा तनाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, जैसे ही अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभ संख्या 806 के पास सर्वे और फेंसिंग का काम शुरू हुआ, बांग्लादेशी स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। स्थिति उस समय और संवेदनशील हो गई जब बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (BGB) के जवान भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने काम रोकने की कोशिश की।
दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और तनाव की स्थिति बन गई, लेकिन भारतीय अधिकारियों ने फेंसिंग का काम जारी रखा। शाम तक सुरक्षा बलों ने सीमा पर कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर दी।
अवैध गतिविधियों पर रोक के लिए कदम
सीमा पर फेंसिंग का उद्देश्य अवैध घुसपैठ, तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाना है। अधिकारियों का मानना है कि खुली सीमा के कारण लगातार अवैध आवाजाही की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
प्रशासन की मंजूरी के बाद शुरू हुआ काम
बताया जा रहा है कि पहले जमीन अधिग्रहण को मंजूरी नहीं मिल पा रही थी, लेकिन अब प्रशासन की अनुमति के बाद यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, इस कार्रवाई से सीमा पार के कुछ स्थानीय लोगों पर असर पड़ रहा है, जिसके कारण विरोध की घटनाएं सामने आई हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
फिलहाल BSF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा पर हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
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