केंद्र सरकार ने शनिवार (28 मार्च 2026) को उन सभी रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई फोन कॉल में एलन मस्क भी शामिल थे।
MEA ने स्पष्ट किया—सिर्फ दो नेताओं के बीच हुई थी बातचीत
Ministry of External Affairs (MEA) ने साफ तौर पर कहा कि 24 मार्च को हुई यह बातचीत केवल भारत और अमेरिका के शीर्ष नेताओं के बीच ही सीमित थी।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “हमने इन खबरों को देखा है, लेकिन यह कॉल सिर्फ पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच ही हुई थी।” इस स्पष्टीकरण के साथ सरकार ने सभी अटकलों को खारिज कर दिया।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर उठे थे सवाल
अमेरिकी अखबार The New York Times ने अज्ञात अधिकारियों के हवाले से दावा किया था कि पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालातों के बीच हुई इस हाई-लेवल बातचीत में एलन मस्क भी मौजूद थे।
रिपोर्ट में इसे एक असामान्य घटना बताया गया था, क्योंकि किसी निजी व्यक्ति का दो देशों के राष्ट्राध्यक्षों की रणनीतिक चर्चा में शामिल होना बेहद दुर्लभ माना जाता है।
पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करना था।
गौरतलब है कि ईरान पर 28 फरवरी को हुए सैन्य हमलों के बाद यह दोनों नेताओं के बीच पहली सीधी बातचीत थी, जिसमें क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा पर चर्चा की गई।
अटकलों पर लगा विराम
भारत सरकार के इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद एलन मस्क की कथित मौजूदगी को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लग गया है।
सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक बातचीत में केवल आधिकारिक प्रतिनिधि ही शामिल होते हैं और इस मामले में फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह भ्रामक थीं।
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