सीतापुर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी हत्याकांड से जुड़े दोनों शूटर मारे गए हैं। जानकारी के अनुसार, राजू उर्फ रिजवान और संजय उर्फ अकील को STF, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने पिसावा थाना क्षेत्र के जल्लापुर में एक देर रात एनकाउंटर के दौरान ढेर कर दिया।
#सीतापुर
पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई हत्याकांड के दोनों शूटर हुए ढेर।
पुलिस व एसओजी टीम ने थाना पिसावा क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान दोनों शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया।
जिला अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित किया दोनों शूटर बीते 5 माह से फरार चल रहे थे दोनों शूटर। pic.twitter.com/CBiVcy8AoZ
— Gyanendra Shukla (@gyanu999) August 7, 2025
दोनों बदमाशों को गोली लगने के बाद गंभीर हालत में सीएचसी ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मारे गए अपराधियों की पहचान राजू तिवारी उर्फ रिजवान और संजय तिवारी उर्फ शिब्बू उर्फ शकील खान, निवासी अटवा थाना मिसरिख, सीतापुर के रूप में हुई है।

पुलिस को इन दोनों की लंबे समय से तलाश थी, क्योंकि ये पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की 8 मार्च को की गई हत्या में शामिल थे। उस दिन दोपहर करीब दो बजे राघवेंद्र को एक फोन कॉल आया था, जिसके बाद वे घर से निकले और एक घंटे के भीतर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्थानीय पुलिस की जांच विफल रहने के बाद मामला STF को सौंपा गया, जिसने जांच में चौंकाने वाला खुलासा किया। यह सामने आया कि इस हत्याकांड की साजिश कार्यदेव मंदिर के पुजारी विकास राठौर उर्फ शिवानंद बाबा ने रची थी। बाबा पर आरोप है कि वह मंदिर में रहने वाले किशोरों का यौन शोषण करता था, जिसकी भनक राघवेंद्र वाजपेयी को लग गई थी और वे इस पर रिपोर्टिंग कर रहे थे। इसी डर से कि पत्रकार इस घिनौने कृत्य का पर्दाफाश न कर दे, शिवानंद बाबा ने राघवेंद्र की हत्या के लिए चार लाख रुपये की सुपारी देकर इन दोनों शूटरों को भेजा था।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel