Tonk जिले में 17 वर्षीय छात्र की आत्महत्या के बाद मामला बेहद संवेदनशील हो गया है। मृतक के परिजनों ने एक नाबालिग लड़की, उसके परिवार और कुछ अन्य युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि छात्र को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था।
परिजनों के अनुसार, किशोर पर धार्मिक रीति-रिवाजों को अपनाने के लिए मजबूर किया गया, जिसके चलते वह मानसिक तनाव में आ गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दो साल से संपर्क में था छात्र
परिवार के मुताबिक, मृतक पिछले करीब दो वर्षों से कुछ युवकों के संपर्क में था। इसी दौरान एक नाबालिग लड़की से उसकी बातचीत शुरू हुई, जो बाद में लगातार संपर्क में बदल गई।
परिजनों का दावा है कि लड़की ने पहले छात्र को प्रपोज किया था और धीरे-धीरे उस पर धर्म बदलने का दबाव बनाया जाने लगा। परिवार का कहना है कि उन्हें इस संबंध के प्रमाण भी मिले हैं।
मानसिक उत्पीड़न और धमकियों का आरोप
परिवार ने आरोप लगाया कि छात्र को बार-बार धमकियाँ दी जा रही थीं और उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। आठ महीने पहले जब इस संबंध की जानकारी मिली, तब परिवार ने उसकी काउंसलिंग भी कराई थी।
माँ ने मांगा न्याय
मृतक की माँ, जो जेल विभाग में कार्यरत हैं, ने शिकायत में कई लोगों के नाम शामिल किए हैं। उनका आरोप है कि लगातार प्रताड़ना के कारण उनका बेटा तनाव में आ गया था।
पुलिस जांच जारी
मामले में थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल पहुंचा
घटना के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। Bharatiya Janata Party का एक प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचा।
प्रतिनिधिमंडल ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
इलाके में तनाव, प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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