महाराष्ट्र में स्वास्थ्य, पोषण और जल संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में गुरुवार (12 फरवरी 2026) को राज्य सरकार ने टाटा ट्रस्ट्स के साथ 12 और अभिनेता नाना पाटेकर के नाम फाउंडेशन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया। दक्षिण मुंबई स्थित सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में सरकार और स्वैच्छिक संस्थाओं के बीच साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर काम करने से सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना आसान होगा।
जलसंवर्धनाला प्राधान्य देत महाराष्ट्र शासन आणि नाम फाउंडेशनच्या संयुक्त उपक्रमातून जलस्रोतांच्या पुनरुज्जीवनाद्वारे राज्यात दीर्घकालीन जलसुरक्षा सुनिश्चित करण्याचा दृढ संकल्प.
(मुंबई | 12-2-2026)@nanagpatekar @AnaspureM @NaamFoundation#Maharashtra #Mumbai #NaamFoundation pic.twitter.com/Fj6kGonCVe
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) February 12, 2026
स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष फोकस
टाटा ट्रस्ट्स के साथ हुए समझौतों के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण की रोकथाम और टेलीमेडिसिन सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। नागपुर के छह अस्पतालों के साथ सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने पर सहमति बनी है।
नाना पाटेकर (@nanagpatekar), जो NAAM फाउंडेशन के सह-संस्थापक हैं और समाज कल्याण के लिए काम करते हैं, ने महाराष्ट्र सरकार और टाटा के साथ MoU साइन होने की जानकारी दी है।
उन्होंने कहा, "हमने महाराष्ट्र सरकार और टाटा के साथ MoU साइन किया है।
हमें 1,000 गांवों को जोड़ना था, हमारे… pic.twitter.com/0ytCGAZS1W
— One India News (@oneindianewscom) February 13, 2026
इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक बनाने की योजना भी शामिल है।
जल संरक्षण में तेजी लाएगा नाम फाउंडेशन
अभिनेता नाना पाटेकर ने बताया कि नाम फाउंडेशन के साथ हुए समझौते से जल संरक्षण परियोजनाओं को नई गति मिलेगी। अब तक 1065 गांवों में काम पूरा किया जा चुका है और लक्ष्य इसे बढ़ाकर 1500 गांवों तक पहुंचाना है।
फाउंडेशन विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में नदियों और झीलों की सफाई, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और भूजल रिचार्ज पर काम करेगा। अब तक 26 बांध और 198 नदी रिचार्ज परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जिससे 63 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला है।
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