राजस्थान विश्वविद्यालय के जयपुर स्थित महारानी कॉलेज परिसर में बनी तीन मजारों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार, 15 जुलाई 2025 को धरोहर बचाओ संघर्ष समिति ने कॉलेज परिसर में हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया। समिति ने इसे कॉलेज प्रशासन को सद्बुद्धि देने का प्रतीकात्मक प्रयास बताया। समिति के अध्यक्ष भारत शर्मा ने आरोप लगाया कि यह मजारें ‘लैंड जिहाद’ का हिस्सा हैं और भविष्य में इन्हें वक्फ संपत्ति घोषित करने की कोशिश की जाएगी।
भारत शर्मा ने कहा कि कॉलेज केवल छात्राओं के लिए है और पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित है, ऐसे में यह सवाल उठता है कि इन मजारों का निर्माण कैसे और किसकी अनुमति से हुआ। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरा मामला साजिश के तहत किया गया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि प्रशासन की ओर से गठित जाँच कमेटी की रिपोर्ट उनके पक्ष में नहीं आती, तो संघर्ष समिति जयपुर की जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन शुरू करेगी और इसके लिए पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।
इस घटना ने कॉलेज परिसरों में धार्मिक ढाँचों और वक्फ विवादों को लेकर एक बार फिर बहस को हवा दी है। मामला प्रशासनिक और सांप्रदायिक दोनों दृष्टिकोणों से संवेदनशील बन चुका है।