ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित लोवी इंस्टीट्यूट द्वारा जारी एशिया पावर इंडेक्स 2025 ने एशिया के 27 देशों की सैन्य, आर्थिक, कूटनीतिक और सांस्कृतिक शक्ति का व्यापक मूल्यांकन प्रस्तुत किया है। इस रिपोर्ट ने एक बार फिर भारत की तेज़ी से बढ़ती क्षेत्रीय शक्ति और पाकिस्तान की गिरती स्थिति को स्पष्ट रूप से उजागर किया है। इंडेक्स के अनुसार, भारत को “मेजर पावर” श्रेणी में तीसरा स्थान मिला है, जबकि पाकिस्तान टॉप-10 से बाहर गिरकर 16वें स्थान पर पहुँच गया है—जो उसकी कमजोरी, घटते वैश्विक प्रभाव और अस्थिरता को दर्शाता है।
Bharat 🇮🇳 has been ranked 3rd out of 27 countries for Comprehensive Power in the Lowy Institute’s Asia Power Index 2025, scoring 40.0/100 — a 0.9-point (+2%) gain from last year.
According to Lowy’s analysis:
🔹 “India is a major power in Asia, having regained the 40-point… pic.twitter.com/ODtV4LIdyn
— Amit Malviya (@amitmalviya) November 28, 2025
भारत की बड़ी उपलब्धि: 40 स्कोर के साथ मेजर पावर श्रेणी में प्रवेश
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कुल स्कोर 40 तक पहुँच गया है, जो मेजर पावर की न्यूनतम सीमा है। यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि:
- भारत ने आर्थिक क्षमता और भविष्य की संसाधन क्षमता जैसे महत्वपूर्ण श्रेणियों में जापान को पीछे छोड़ दिया है।
- भारत की आंतरिक निवेश क्षमता तेजी से बढ़ी है, जिससे उसकी इकोनॉमिक रिलेशनशिप रैंकिंग सुधरकर 9वें स्थान पर पहुँच गई है।
- वैश्विक स्तर पर भारत की सैन्य प्रतिष्ठा, रणनीतिक साझेदारियाँ, आक्रामक कूटनीति और मजबूत आर्थिक नीतियाँ उसे एशिया में वास्तविक शक्ति केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं।
इंडेक्स आठ प्रमुख मानकों पर आधारित है:
- सैन्य क्षमता
- रक्षा नेटवर्क
- आर्थिक ताकत
- कूटनीतिक प्रभाव
- सांस्कृतिक प्रभाव
- लचीलापन (Resilience)
- भविष्य की संसाधन क्षमता
- आर्थिक संबंध
इन अधिकांश क्षेत्रों में भारत की स्थिति पिछले वर्षों की तुलना में लगातार बेहतर हुई है। भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, उभरती टेक्नोलॉजी क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता प्रभाव उसे सुपर पावर बनने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
लोवी इंस्टीट्यूट के एशिया पावर इंडेक्स 2025 में भारत ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 27 देशों में तीसरा स्थान हासिल कर लिया है!
स्कोर: 40.0/100
पिछले साल से बढ़ोतरी: +0.9 अंक (+2%)
लोवी की रिपोर्ट में साफ़ कहा गया है:
🔴 भारत एक बार फिर 40 अंकों का आंकड़ा पार कर एशिया की… pic.twitter.com/WOQf5M3hNR
— One India News (@oneindianewscom) November 28, 2025
पाकिस्तान की शर्मनाक स्थिति: 16वें स्थान पर पटका गया
दूसरी ओर, पाकिस्तान का प्रदर्शन चिंताजनक रूप से गिरा है।
लोवी रिपोर्ट बताती है कि:
- पाकिस्तान की सांस्कृतिक पहुँच, आर्थिक क्षमता और कूटनीतिक प्रभाव बेहद कमजोर हैं।
- इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पाकिस्तान को सिर्फ 22वाँ स्थान मिला है।
- राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक दिवालियापन, आतंकवाद और IMF पर निर्भरता जैसी समस्याओं ने उसकी क्षेत्रीय शक्ति को बुरी तरह कमजोर किया है।
पाकिस्तान का टॉप-10 से बाहर होना यह दिखाता है कि वह एशिया की शक्ति चुनौती में लगातार पिछड़ता जा रहा है, जबकि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अमेरिका और चीन का मुकाबला: अमेरिका पहले स्थान पर, लेकिन गिरावट जारी
इंडेक्स में अमेरिका प्रथम स्थान पर बना हुआ है, लेकिन उसका कुल स्कोर इस वर्ष 1.2 पॉइंट गिरा है।
चीन दूसरे स्थान पर है और अमेरिका से अंतर लगातार कम कर रहा है, हालांकि अमेरिका अब भी एशिया का सबसे प्रभावशाली देश बना हुआ है।
साफ संदेश: भारत उभरता हुआ पावर सेंटर—पाकिस्तान लगातार नीचे
लोवी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट यह स्पष्ट संकेत देती है कि:
- भारत सिर्फ उभर नहीं रहा, बल्कि एशिया की प्रमुख शक्ति बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
- पाकिस्तान अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था और कूटनीति के कारण क्षेत्रीय महत्त्व खोता जा रहा है।
यह इंडेक्स भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और पाकिस्तान की गिरती स्थिति के बीच गहरी खाई को उजागर करता है—जो आने वाले वर्षों में और भी स्पष्ट हो सकती है।
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