भारत–पाकिस्तान के बीच ऑक्सफोर्ड यूनियन बहस को लेकर उठे विवाद पर लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पाकिस्तान ने दावा किया था कि भारत के वक्ता अंतिम क्षणों में बहस से हट गए, लेकिन भारत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता साई दीपक ने इन आरोपों का तथ्यों और दस्तावेज़ों के साथ खंडन किया। उनके अनुसार, पाकिस्तान का बयान न केवल गलत था बल्कि जानबूझकर दुनिया को गुमराह करने की कोशिश थी।
शुरुआत में पाकिस्तान ने यह प्रचारित किया कि भारत के तीनों वक्ता बहस से पीछे हट गए, और इसे अपनी “कूटनीतिक जीत” की तरह पेश किया। पाकिस्तान की टीम में हिना रब्बानी खर, मोहम्मद फैसल और जुबैर महमूद हयात शामिल थे। लेकिन साई दीपक ने साफ किया कि उनका नाम पहले से पक्का था और उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनियन का आधिकारिक ईमेल भी सार्वजनिक किया, जिसमें उनकी पुष्टि स्पष्ट थी। भारत की ओर से जनरल एम.एम. नरवणे और सुब्रमण्यम स्वामी के नाम भी तय थे, लेकिन बाद में यूनियन ने बताया कि दोनों उपलब्ध नहीं हो सकेंगे।
Indian Delegation Backs Out Of Oxford Union Debate At Last Minute, Hands Walkover to Pakistani side
The Pakistan High Commission in London @PakistaninUK regrets to announce that the Indian delegation scheduled to participate in a high profile debate at the Oxford Union…
— Pakistan High Commission London (@PakistaninUK) November 27, 2025
यहीं से विवाद और गहरा गया। दीपक का कहना है कि ऑक्सफोर्ड यूनियन ने बेहद जल्दबाज़ी में नए वक्ताओं की तलाश शुरू की। सुहेल सेठ और प्रियंका चतुर्वेदी से संपर्क किया गया, लेकिन अत्यंत कम नोटिस के कारण दोनों ने कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया। स्वयं प्रियंका चतुर्वेदी ने पुष्टि की कि उनसे आखिरी समय पर बात की गई थी।
इसके बाद दीपक ब्रिटेन पहुँचे और भारत की नई वक्ता टीम भी तैयार हो गई। लेकिन बहस से कुछ घंटे पहले ही आयोजकों ने कहा कि पाकिस्तान की टीम यूके नहीं पहुँची है, इसलिए कार्यक्रम रद्द करना पड़ेगा। कुछ समय बाद यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि पाकिस्तान की टीम तो ऑक्सफोर्ड के होटल में ही ठहरी हुई थी। सबसे बड़ा खुलासा यह रहा कि कार्यक्रम के आयोजनकर्ता मूसा हरराज ने गलत सूचना दी थी और बाद में पता चला कि वह पाकिस्तान के एक मंत्री का बेटा है।
इन घटनाओं के सामने आने के बाद साई दीपक ने पाकिस्तान को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान सच में बहस करना चाहता है, तो ऑक्सफोर्ड में कभी भी बहस के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान तथ्यों से बच रहा है और झूठ फैलाकर कहानी को मोड़ने की कोशिश कर रहा है। बल्कि पाकिस्तान के पास अपने दावों के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं है।
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