गुजरात के गोधरा और वडोदरा में बीती रात सामाजिक और सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाले घटनाक्रम सामने आए। गोधरा में ‘I Love Muhammad’ से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कट्टरपंथियों ने पुलिस थाने पर हमला बोल दिया। घटना की शुरुआत कानपुर में हुए प्रदर्शनों और उसी हैशटेग से जुड़े वायरल वीडियो से हुई, जिनमें सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश की गई। गोधरा सिटी बी डिवीजन थाने ने इन भड़काऊ पोस्टों के पीछे के इन्फ्लुएंसर को बुलाया और उसे समझाने का प्रयास किया कि नवरात्रि पर्व के पहले ऐसे पोस्ट तनाव फैला सकते हैं और इन्हें रोकना चाहिए।
गोधरा मैं मुस्लिम गुट ने पुलिस चौकी मैं की जबरदस्त तोड़फोड़.
सोशल मीडिया मैं रील वायरल होने के बाद माहौल बिगड़ा.
भारी संख्या मैं पुलिस बल उतारा गया.
स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.@sanghaviharsh @GujaratPolice @SP_Panchmahal Gujarat | Godhra pic.twitter.com/z95UgizDmK
— One India News (@oneindianewscom) September 19, 2025
इस बीच अफवाह फैला दी गई कि पुलिस युवक को धमका रही है और उसके खिलाफ अनुचित कार्रवाई कर रही है। इस अफवाह के चलते कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोग थाने पर एकत्र हो गए और जमकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। भीड़ ने थाने में फर्नीचर और खिड़कियों को तोड़ा, पुलिस वाहनों को नुकसान पहुँचाया और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। हालात बेकाबू होने पर पुलिस को पहले चेतावनी देनी पड़ी, फिर लाठीचार्ज करना पड़ा और अंततः आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। घंटों की मशक्कत के बाद ही भीड़ को नियंत्रित किया जा सका।
कानपुर से मुहम्मद वाला जो हैशटेग वायरल हुआ उसी हैशटेग के साथ गोधरा मैं पिछले कुछ दिनों से वीडियो वायरल किए जा रहे थे.
इस हैशटेग वाले वीडियो सांप्रदायिक सौहार्द खासकर नवरात्रमैं बिगाड़े ऐसी आशंका थी लिहाजा हैशटेग के साथ वीडियो वायरल करने वाले शख्श को पुलिस थाने बुलाया गया.
वो… https://t.co/pgW4awuTK2 pic.twitter.com/Wa6oP6mzVr
— Janak Dave (@dave_janak) September 19, 2025
इसी तरह, वडोदरा के संवेदनशील जूनीगढ़ी इलाके में भी एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद तनाव फैल गया। पोस्ट के विरोध में समुदाय विशेष के लोग थाने पहुंचे, नारेबाजी और सड़क जाम किया, जिससे माहौल अत्यंत तनावपूर्ण हो गया। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया, जिसमें पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग घायल हुए। स्थिति गंभीर होने पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. लीना पाटिल मौके पर पहुंचीं और लोगों से सख्त संवाद करके भीड़ को नियंत्रित किया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हिंसा, तोड़फोड़ और अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। घटनास्थल की वीडियोग्राफी के आधार पर पत्थरबाजों की पहचान की जा रही है और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। गोधरा और वडोदरा की घटनाओं ने यह दर्शाया कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्टों से समुदायों में तुरंत तनाव फैल सकता है, और इसे रोकने के लिए पुलिस को त्वरित और सख्त कदम उठाने पड़ते हैं।
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