महाराष्ट्र के नासिक से जुड़े चर्चित TCS धर्मांतरण मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने अपनी 50 पन्नों की फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट राज्य के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis को सौंप दी है, जबकि SIT ने अब मामले में फंडिंग एंगल की भी जांच शुरू कर दी है।
NCW रिपोर्ट में क्या सामने आया?
NCW की टीम ने 18 और 19 अप्रैल को नासिक में पीड़ित महिलाओं, पुलिस अधिकारियों और कंपनी की आंतरिक समिति से बातचीत की। रिपोर्ट में निम्न आरोपों का उल्लेख किया गया है:
- कार्यस्थल पर टॉक्सिक वर्क कल्चर
- यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना
- पद के दुरुपयोग के आरोप
- धार्मिक आधार पर भेदभाव का माहौल
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई महिलाएं सामाजिक दबाव के कारण शिकायत दर्ज कराने से हिचक रही थीं।
POSH कानून में खामियां
जांच में POSH (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम) कानून के पालन में गंभीर कमियां सामने आईं:
- नासिक और पुणे के लिए एक ही आंतरिक समिति बनाई गई
- जो नियमों के खिलाफ माना गया
आयोग ने सुरक्षा, कानूनी कार्रवाई और संस्थागत सुधारों को लेकर 25 सिफारिशें दी हैं।
SIT की जांच में बड़े खुलासे
मामले की जांच कर रही SIT ने मुख्य आरोपी निदा खान के खिलाफ कई अहम बिंदु सामने रखे हैं:
- बैंक खातों और फंडिंग स्रोत की जांच
- फरारी के दौरान मदद करने वालों की पहचान
- पीड़िता को 171 मजहबी वीडियो भेजने का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी पीड़ित के संपर्क में रहकर धार्मिक तौर-तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करती थी।
अवैध निर्माण पर कार्रवाई की तैयारी
खबरों के मुताबिक, जिस घर में आरोपी करीब 25 दिनों तक छिपी रही, उस पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। यह घर AIMIM से जुड़े पार्षद मतीन माजिद पटेल से जुड़ा बताया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन की जांच में मकान को अवैध निर्माण बताया गया है, जिस पर बुलडोजर कार्रवाई संभव है।
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