देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 के कथित पेपर लीक मामले में जांच एजेंसी CBI ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर अहम सबूत जुटाए गए हैं।
कहां-कहां हुई गिरफ्तारी?
CBI की जांच के तहत विभिन्न राज्यों से आरोपियों को पकड़ा गया है—
- जयपुर (राजस्थान): 3 आरोपी गिरफ्तार
- गुरुग्राम (हरियाणा): 1 आरोपी गिरफ्तार
- नासिक (महाराष्ट्र): 1 आरोपी गिरफ्तार
इसके अलावा बिहार में पहले से चल रही जांच में भी कई जिलों से गिरफ्तारियां हुई हैं।
बिहार में भी बड़ा नेटवर्क बेनकाब
बिहार के नालंदा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, सीतामढ़ी और छपरा समेत कई जिलों से 7 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
इनमें शामिल कुछ प्रमुख नाम—
- अवधेश कुमार
- अमन कुमार सिंह
- हर्ष राज
- पंकज कुमार
- मनोज कुमार
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो कई राज्यों में फैला हुआ है।
डिजिटल सबूत खंगाल रही CBI
CBI ने राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार समेत कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की है। इस दौरान एजेंसी ने—
- मोबाइल फोन
- लैपटॉप
- दस्तावेज
- अन्य डिजिटल डिवाइस
जब्त किए हैं।
अब जांच एजेंसी व्हाट्सऐप चैट, टेलीग्राम ग्रुप और बैंक ट्रांजैक्शन की गहन जांच कर रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
30 से 50 लाख में होती थी डील
जांच में यह भी सामने आया है कि पेपर लीक कराने के लिए छात्रों और अभिभावकों से ₹30 लाख से ₹50 लाख तक की रकम वसूली जाती थी।
CBI फिलहाल इस रैकेट के मास्टरमाइंड और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।
क्या है मामला?
NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
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