प्रधानमंत्री Narendra Modi आज से अपने बहुचर्चित ‘Mission-144’ विदेश दौरे की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस मिशन के तहत पीएम मोदी अगले 6 दिनों में UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा करेंगे।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा, सुरक्षा और सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में भारत इस यात्रा के जरिए खुद को एक मजबूत वैश्विक ताकत के रूप में स्थापित करने की कोशिश करेगा।
UAE से शुरुआत: ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस
United Arab Emirates में पीएम मोदी की मुलाकात राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से होगी।
संभावित बड़े समझौते:
- LPG सप्लाई बढ़ाने पर चर्चा
- Strategic Petroleum Reserve (SPR) को मजबूत करने की योजना
- ऊर्जा संकट के बीच दीर्घकालिक सहयोग
UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और यहां 45 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं।
नीदरलैंड: सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन
Netherlands में पीएम मोदी का फोकस होगा—
- सेमीकंडक्टर (चिप्स) टेक्नोलॉजी
- ग्रीन हाइड्रोजन
- वाटर मैनेजमेंट
दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 28 अरब डॉलर का है और नीदरलैंड भारत में बड़ा निवेशक है।
स्वीडन: AI और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग
Sweden दौरे के दौरान—
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- 5G-6G टेक्नोलॉजी
- डिफेंस प्रोडक्शन
पर अहम चर्चा होगी। यह यात्रा करीब 8 साल बाद हो रही है।
नॉर्वे: नॉर्डिक समिट और ग्रीन ट्रांजिशन
Norway में पीएम मोदी India-Nordic Summit में भाग लेंगे।
मुख्य एजेंडा:
- जलवायु परिवर्तन
- ग्रीन एनर्जी
- स्टार्टअप और इनोवेशन
नॉर्वे का पेंशन फंड भारत में करीब 28 अरब डॉलर निवेश कर चुका है।
इटली: IMEC कॉरिडोर और रणनीतिक साझेदारी
Italy में पीएम मोदी की मुलाकात प्रधानमंत्री Giorgia Meloni से होगी।
प्रमुख मुद्दे:
- India-Middle East-Europe Corridor (IMEC)
- रक्षा और सुरक्षा सहयोग
- 2025-29 रणनीतिक एक्शन प्लान
क्यों अहम है यह दौरा?
- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा
- यूरोप का चीन पर निर्भरता कम करने का प्रयास
- भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन और टेक हब के रूप में स्थापित करना
यह दौरा भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर सकता है।
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