माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस मान्यता को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने रद्द कर दिया है। आयोग ने कॉलेज में न्यूनतम मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद यह फैसला लिया। अब यहां पढ़ रहे एमबीबीएस छात्रों को किसी अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया जाएगा।
एनएमसी की ओर से यह कार्रवाई औचक निरीक्षण के बाद की गई, जिसमें कई गंभीर कमियां सामने आईं। यह मेडिकल कॉलेज पहले से ही विवादों में रहा है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एमबीबीएस की 50 सीटों में से 42 सीटों पर मुस्लिम छात्रों को प्रवेश दिए जाने को लेकर भारी विवाद हुआ था। वहीं, हिंदू छात्रों को 7 सीटें और 1 सीट सिख छात्र को मिली थी।
इस प्रवेश प्रक्रिया को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि हिंदू छात्रों की अनदेखी की गई। उनका कहना था कि यह कॉलेज माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित है और इसमें हिंदू श्रद्धालुओं के चढ़ावे की राशि का उपयोग होता है, इसलिए यहां हिंदू छात्रों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
🔬 Quality Over Quantity:
NMC has revoked permission for 50 MBBS seats at SMVDIME due to a failure to meet essential standards.
It reaffirms commitment to Quality .
Every affected student will be seamlessly transferred to a Supernumerary Seat in other UT Colleges. @BJP4India
— R. S. Pathania (@pathania_rs) January 6, 2026
एनएमसी की टीम 2 जनवरी को औचक निरीक्षण पर कॉलेज पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में बुनियादी ढांचे की कमी, प्रोफेसरों की भारी कमी, और क्लीनिकल सुविधाओं का अभाव पाया गया। अस्पताल में मरीजों की संख्या भी मानकों से काफी कम थी। दोपहर 1 बजे तक केवल 182 मरीज मौजूद थे, जबकि नियमानुसार कम से कम 400 मरीजों का होना आवश्यक था।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अस्पताल में अलग-अलग पुरुष और महिला वार्ड नहीं थे। केवल दो ऑपरेशन थिएटर ही कार्यरत पाए गए। माइनर ओटी की कोई व्यवस्था नहीं थी, और पैरा-क्लीनिकल विषयों के लिए आवश्यक उपकरणों की भी कमी पाई गई।
इसके अलावा, कई विभागों में लैबोरेटरी और रिसर्च लैब उपलब्ध नहीं थीं। कॉलेज की लाइब्रेरी में सिर्फ 744 किताबें पाई गईं, जबकि नियमों के अनुसार कम से कम 1500 किताबें होना अनिवार्य है।
गौरतलब है कि इस मेडिकल कॉलेज को पिछले साल ही मान्यता दी गई थी और पहला बैच भी शुरू हो चुका था। लेकिन लगातार सामने आ रहे विवादों और गंभीर खामियों के चलते अब एनएमसी ने कॉलेज की एमबीबीएस मान्यता पूरी तरह रद्द कर दी है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel