भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को लक्ज़मबर्ग में वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा हुए हालात के बीच सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
डॉ. जयशंकर यह बयान लक्ज़मबर्ग दौरे के दौरान दे रहे थे, जहां उन्होंने वहां के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने दोहराया कि भारत पहले भी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर चुका है कि वह वेनेजुएला की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वहां के नागरिकों की सुरक्षा को सबसे अहम मानता है।
#WATCH | Luxembourg: On the US attacking Venezuela and capturing its president, External Affairs Minister, Dr S Jaishankar says, "I think we put out a statement yesterday, so I would urge you to look at it… We are concerned about the developments, but we would really urge all… pic.twitter.com/Sd55rvA6Gm
— ANI (@ANI) January 7, 2026
जयशंकर ने कहा, “भारत हाल के घटनाक्रम को लेकर चिंतित है। हम सभी संबंधित पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे बैठकर ऐसी स्थिति बनाएं जो वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और सुरक्षा के हित में हो।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं और भारत चाहता है कि वहां के लोग इस संकट से जल्द बाहर निकलें और आगे बढ़ें।
विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति की वास्तविकताओं पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आज के समय में देश वही करते हैं जिससे उन्हें सीधा फायदा हो। उन्होंने कहा कि कई बार देश केवल सलाह देते हैं, लेकिन व्यवहार में वही नहीं करते जो कहते हैं। उन्होंने इसे दुनिया का स्वभाव बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों और रवैये को उसी भावना के साथ समझना होगा।
#WATCH | Luxembourg: External Affairs Minister, Dr S Jaishankar says, "… In this day and age, countries will do things only if it is of direct benefit to them. They'll offer you free advice. If something happens, they'll say, please don't do that. It worries us if there is… pic.twitter.com/I0T6N1fALK
— ANI (@ANI) January 7, 2026
इस बीच, यह भी उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला संकट की शुरुआत 3 जनवरी को हुई, जब अमेरिकी सेना ने काराकास में अचानक सैन्य हमले किए। इन हमलों के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर अमेरिका ले जाया गया। बताया गया है कि दोनों को अमेरिका की कुख्यात ब्रुकलिन जेल में रखा गया है।
यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से महीनों से दी जा रही जमीनी सैन्य कार्रवाई की धमकियों के बाद हुई है। अमेरिकी प्रशासन ने मादुरो पर ड्रग कार्टेल चलाने और नार्को-टेररिज्म में संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद वेनेजुएला में हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।
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