राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) की विशेष अदालत ने तालिबान और Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) से जुड़े आतंकी मामले में हमराज वर्शिद शेख को 7 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला बेंगलुरु स्थित NIA कोर्ट ने सुनाया, जिसमें दोषी पर ₹63,000 का जुर्माना भी लगाया गया।
कोर्ट में कबूल किया गुनाह
महाराष्ट्र निवासी हमराज वर्शिद शेख ने अप्रैल 2026 में शुरू हुए ट्रायल के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। इस मामले में उसके सहयोगी Mohammad Arif के खिलाफ अक्टूबर 2023 में चार्जशीट दाखिल की गई थी, जबकि उसका ट्रायल अभी जारी है।
विदेश में कट्टरपंथ की ओर झुकाव
जांच एजेंसियों के अनुसार, हमराज 2019 से 2022 के बीच सऊदी अरब में रहने के दौरान तालिबान और TTP के संपर्क में आया और धीरे-धीरे कट्टरपंथी बन गया। इसके बाद उसने भारत लौटकर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक जिहादी नेटवर्क खड़ा किया।

सोशल मीडिया के जरिए भर्ती नेटवर्क
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए एक ऑनलाइन जिहादी भर्ती नेटवर्क तैयार किया। इस नेटवर्क के जरिए गरीब मुस्लिम युवाओं को निशाना बनाकर उनका ब्रेनवॉश किया जाता था और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया जाता था।
‘हंजला’ नाम का हैंडलर
एजेंसियों को एक ऑनलाइन हैंडलर ‘हंजला’ के बारे में भी जानकारी मिली, जो ‘कश्मीर पेजेस’ नामक इंस्टाग्राम पेज के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा और तालिबान-TTP का प्रचार करता था।
भारत के खिलाफ साजिश
जांच के मुताबिक, आरोपियों ने युवाओं को अफगानिस्तान भेजकर आतंकी ट्रेनिंग दिलाने, फंडिंग जुटाने और भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ने की साजिश रची थी। दोनों आरोपी TTP में शामिल होने की योजना के तहत एक आतंकी गिरोह चला रहे थे।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel