कांग्रेस समर्थक Tahseen Poonawalla और यूट्यूबर Abhisar Sharma के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिली, जिसने राजनीतिक और मीडिया हलकों में चर्चा तेज कर दी है। विवाद तब शुरू हुआ जब पूनावाला ने एक पोस्ट के जरिए भारत में प्रेस की स्वतंत्रता का समर्थन किया और एक विदेशी पत्रकार की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी।
विवाद की शुरुआत
नॉर्वेजियन पत्रकार Hele Ling द्वारा भारत में प्रेस स्वतंत्रता को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनावाला ने कहा कि वह खुद सरकार के आलोचक हैं, लेकिन उन्हें कभी किसी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने भारत की तुलना ऐसे देशों से करने पर आपत्ति जताई, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित है।
अभिसार शर्मा का पलटवार
पूनावाला के इस बयान पर अभिसार शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर भाजपा समर्थक होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूनावाला विपक्ष की आवाज होने का “ढोंग” कर रहे हैं और सत्ता के करीब हैं।
No Tehseen. You are still a sycophant of the current regime . And yes even Kanchan Gupta had got an appointment with the late Arun jaitley. And no one finally helped us. We won the case in court fair and square because the case was bogus. The same IRS officer SK Srivastava was… https://t.co/K1A7AobOEM
— Abhisar Sharma (@abhisar_sharma) May 19, 2026
अडानी मुलाकात का आरोप
सोशल मीडिया पर जारी इस बहस के बीच, एक यूजर द्वारा पूनावाला को “अडानी एजेंट” कहे जाने पर उन्होंने पलटवार करते हुए बड़ा आरोप लगाया। पूनावाला के मुताबिक, अभिसार शर्मा ने Gautam Adani से मुलाकात का समय मांगा था, जब अडानी ग्रुप ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।
हालांकि, इस आरोप पर अभिसार शर्मा की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
He is a known Adani agent who always claims he is very close to the Gandhi family.
— Truth is, the party threw him into the dustbin long ago.
— Now he comes to late-night X Spaces and speaks for hours just to show he still has some relevance.
— He is a “chhupa sanghi” just like…
— अपूर्व اپوروا Apurva Bhardwaj (@grafidon) May 19, 2026
मानहानि केस से जुड़ा मामला
यह विवाद उस आपराधिक मानहानि मामले से जुड़ा माना जा रहा है, जिसमें अडानी ग्रुप ने अभिसार शर्मा और ब्लॉगर Raju Parulekar के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
सितंबर 2025 में दर्ज इस मामले में गांधीनगर की अदालत ने दोनों को नोटिस जारी किए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शर्मा और पारुलेकर ने अडानी ग्रुप से जुड़े मुद्दों पर “भ्रामक और आपत्तिजनक” सामग्री साझा की।
अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें “बेबुनियाद” बताया और कानूनी कार्रवाई की थी।
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