प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नए प्रशासनिक परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया, जो भारत की आधुनिक, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इस अत्याधुनिक परिसर में अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय एक ही स्थान से संचालित होंगे.
आधुनिक तकनीक और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस
सेवा तीर्थ परिसर को आधुनिक डिजिटल इंटीग्रेशन, उन्नत सुरक्षा प्रणालियों और 4-स्टार GRIHA (ग्रीन रेटिंग) मानकों के साथ तैयार किया गया है. इसमें renewable energy systems, water conservation technology, energy-efficient निर्माण और advanced waste management solutions को शामिल किया गया है, जिससे प्रशासनिक ढांचे को पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सके.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ भवन परिसर के नामकरण का अनावरण किया।
नई व्यवस्था से प्रशासनिक कार्यों में दक्षता, बेहतर समन्वय और नागरिक-केंद्रित शासन को मजबूती मिलेगी।
औपनिवेशिक प्रतीकों से आगे बढ़ते हुए ‘कर्तव्य पथ’ और ‘लोक कल्याण मार्ग’ जैसे परिवर्तन नए भारत की सोच… pic.twitter.com/2fQd6VaiGR
— PB-SHABD (@PBSHABD) February 13, 2026
प्रशासनिक समन्वय और तेज़ निर्णय प्रक्रिया पर जोर
कई दशकों से केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण कार्यालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र की अलग-अलग पुरानी इमारतों में संचालित हो रहे थे, जिससे मंत्रालयों के बीच समन्वय में कठिनाई, फाइल मूवमेंट में देरी और रखरखाव लागत बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आती थीं. सेवा तीर्थ इन चुनौतियों को दूर करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है, जहां एकीकृत कार्य वातावरण फैसलों की प्रक्रिया को तेज़ बनाएगा.
नागरिक-केंद्रित शासन मॉडल की दिशा में कदम
सरकार के अनुसार यह परिसर सिर्फ एक नया प्रशासनिक पता नहीं, बल्कि भारत की बदलती प्रशासनिक सोच का प्रतीक है. 2014 के बाद केंद्र सरकार ने उपनिवेशीय मानसिकता से दूर भारतीय मूल्यों पर आधारित प्रशासनिक संरचना बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं. इसी क्रम में South Block को सेवा तीर्थ, Central Secretariat को कर्तव्य भवन, Rajpath को कर्तव्य पथ और Race Course Road को लोक कल्याण मार्ग जैसे नाम दिए गए.
डिजिटल ऑफिस और सार्वजनिक इंटरफेस
कर्तव्य भवन-1 और 2 में पूरी तरह डिजिटल रूप से जुड़े कार्यालय बनाए गए हैं, जिससे मंत्रालयों के बीच तेज़ समन्वय संभव होगा. साथ ही structured public interface zones और centralized reception की व्यवस्था नागरिक सेवाओं को सरल और कुशल बनाने में मदद करेगी.
हाई-टेक सुरक्षा और स्मार्ट सुविधाएं
कैंपस में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, आधुनिक सर्विलांस नेटवर्क और उन्नत इमरजेंसी रिसपॉन्स सिस्टम जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, जिससे अधिकारियों और आगंतुकों दोनों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके.
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel