प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के लिए तीन दिवसीय बहुपक्षीय दौरे पर रवाना हुए हैं। इस यात्रा का उद्देश्य इन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देना, आर्थिक सहयोग को विस्तार देना और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर आपसी विचार-विमर्श करना है। यह दौरा भारत की सक्रिय कूटनीति और वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत जॉर्डन से करेंगे, जहां उन्हें किंग अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन ने आमंत्रित किया है। यह दौरा भारत–जॉर्डन के 75 वर्षों के कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। दो दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे और पश्चिम एशिया से जुड़े अहम क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। जॉर्डन इस क्षेत्र में c से बेहद महत्वपूर्ण देश है।
आर्थिक मोर्चे पर भारत और जॉर्डन के रिश्तों में लगातार मजबूती आई है। अप्रैल से अगस्त 2025-26 के बीच दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 1.2 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जिसमें भारत का निर्यात करीब 461 मिलियन डॉलर रहा। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक यह व्यापार 5 अरब डॉलर के स्तर को छू सकता है। इस दौरे से आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय शांति को और गति मिलने की उम्मीद है।
Over the next three days, will be going to Jordan, Ethiopia and Oman. These are three valued partners with whom India has age-old civilisational ties and strong bilateral relations.https://t.co/QSkwR9m6IZ
— Narendra Modi (@narendramodi) December 15, 2025
जॉर्डन के बाद प्रधानमंत्री मोदी 16 दिसंबर 2025 को इथियोपिया के लिए रवाना होंगे। यह उनकी इथियोपिया की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। अदीस अबाबा में वे प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें भारत–इथियोपिया संबंधों के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इथियोपिया, ग्लोबल साउथ में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 550 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। इस यात्रा से ऑटोमोबाइल, मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा और तकनीकी सेवाओं के क्षेत्रों में निवेश और सहयोग बढ़ने की संभावना है, जिससे अफ्रीका में भारत की आर्थिक और रणनीतिक उपस्थिति को बल मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा 17 और 18 दिसंबर 2025 को ओमान में संपन्न होगा। सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर यह उनकी ओमान की दूसरी यात्रा है। यह दौरा भारत–ओमान के राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है, जो दोनों देशों के गहरे और ऐतिहासिक रिश्तों को दर्शाता है।
हाल ही में भारत–ओमान मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को मंजूरी मिली है, जिससे ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलने की उम्मीद है। इस यात्रा से व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिलने की संभावना है।
कुल मिलाकर, यह तीन देशों की यात्रा भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों को सशक्त करने के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने का संदेश देती है। जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के साथ द्विपक्षीय सहयोग, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए द्वार खुलने की उम्मीद है।
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