भारतीय सेना को अमेरिका से तीन अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर्स की पहली खेप मिल गई है, जो गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के जरिए पहुंची। लगभग एक साल की देरी के बाद आए ये अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर्स सेना की आक्रामक और टोही क्षमताओं को नई मजबूती देंगे। सेना सूत्रों के अनुसार, इन हेलिकॉप्टर्स को पश्चिमी सीमा पर, विशेषकर जोधपुर में तैनात किया जाएगा। 2020 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान 600 मिलियन डॉलर की लागत से भारतीय सेना के लिए 6 अपाचे हेलिकॉप्टर्स का सौदा हुआ था। इससे पहले भारतीय वायुसेना 22 अपाचे हेलिकॉप्टर्स पहले ही प्राप्त कर चुकी है।
#WATCH | The first batch of Apache attack Helicopters for the Indian Army has reached India. The choppers will be deployed in Jodhpur by the Indian Army: Indian Army officials
(Source: Indian Army) pic.twitter.com/zvSC5pXvgZ
— ANI (@ANI) July 22, 2025
अपाचे हेलिकॉप्टर्स की अधिकतम रफ्तार करीब 300 किमी प्रति घंटा है और इनकी ऑपरेशनल रेंज लगभग 480-500 किलोमीटर है। ये एक बार में करीब साढ़े तीन घंटे तक उड़ान भर सकते हैं। अत्याधुनिक टारगेटिंग सिस्टम, नाइट विज़न नेविगेशन, नवीनतम कम्युनिकेशन और हथियार प्रणालियों से लैस ये हेलिकॉप्टर्स हर मौसम और दिन-रात लक्ष्य की पहचान और हमला करने में सक्षम हैं। इनके पास हेलफायर मिसाइल, स्ट्रिंगर मिसाइल (हवा से हवा में मार करने वाली), और हर मिनट 625 राउंड फायरिंग करने वाली गन लगी है। युद्ध या विशेष कार्रवाई के दौरान ये दुश्मन के ठिकानों को पलक झपकते ही तबाह कर सकते हैं। सेना में इनके शामिल होने से भारत की सैन्य शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।