Aligarh के प्रसिद्ध Khereshwar Dham Temple में महाशिवरात्रि मेले के दौरान हुए विवाद के बाद मंदिर कमेटी ने बड़ा निर्णय लिया है। कमेटी के मुताबिक अब मंदिर परिसर में दुकानों का आवंटन आधार कार्ड देखकर किया जाएगा। साथ ही परिसर में बोर्ड लगाकर स्पष्ट किया गया है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों को दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
महाशिवरात्रि के अवसर पर हर वर्ष की तरह इस बार भी खेरेश्वर धाम में भव्य मेले का आयोजन हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचे। मेले में झूले, खानपान और कपड़ों की दुकानें लगी थीं।
इसी दौरान एक युवक ने कथित रूप से अपनी पहचान छिपाकर स्टॉल लिया। बताया गया कि उसने अपना नाम “अमन” बताया, जबकि बाद में उसका नाम “अरमान” सामने आया। आरोप है कि वह महिलाओं के अंडरगारमेंट्स बेच रहा था, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

करणी सेना नेता की गिरफ्तारी
मामले की जानकारी मिलने पर Karni Sena के युवा जिलाध्यक्ष सचिन राघव अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और दुकान का विरोध किया। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की और सचिन राघव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई के बाद कुछ हिंदू संगठनों में आक्रोश देखा गया।
मंदिर कमेटी का आधिकारिक बयान
मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भविष्य में बिना पहचान पत्र देखे किसी को भी दुकान आवंटित नहीं की जाएगी। अध्यक्ष गहराज सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
VHP का प्रदर्शन
Vishva Hindu Parishad (VHP) ने इस मुद्दे को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपकर दुकानदार व ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की। ब्रज प्रांत मीडिया प्रमुख प्रतीक रघुवंशी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
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