अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई राशि के कथित रूप से गायब होने के मामले में जांच तेज हो गई है। इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इस संवेदनशील मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार (23 जून) को यह गोपनीय रिपोर्ट गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को सौंप दी है। हालांकि जांच अभी जारी है और अधिकारियों ने फिलहाल रिपोर्ट के निष्कर्षों को सार्वजनिक नहीं किया है।
10 से 15 दिनों में आ सकती है अंतिम रिपोर्ट
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसकी हर पहलू से गहन जांच की जा रही है।
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि SIT की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। टीम अगले 10 से 15 दिनों में अपनी विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप सकती है। जरूरत पड़ने पर जांच दल दोबारा अयोध्या जाकर दस्तावेजों और संबंधित पक्षों से अतिरिक्त जानकारी भी जुटा सकता है।
राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच कर रही 3 सदस्यीय SIT ने अपनी रिपोर्ट यूपी के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद को सौंप दी है।
अब सभी की नजर रिपोर्ट के निष्कर्षों और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।#RamMandir #SITReport #Ayodhya #UttarPradeshbreaking
— One India News (@oneindianewscom) June 23, 2026
राम मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर बनी थी SIT
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से दान राशि के रखरखाव और प्रबंधन में संभावित अनियमितताओं की आशंका जताई गई।
ट्रस्ट की मांग के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून 2026 को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, ताकि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा सके। सरकार ने जांच एजेंसियों को वित्तीय रिकॉर्ड, दान राशि के लेखा-जोखा और संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया था।
जांच रिपोर्ट फिलहाल गोपनीय
अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और रिपोर्ट की सामग्री को सार्वजनिक करना जांच को प्रभावित कर सकता है। इसी कारण प्रारंभिक रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है और केवल संबंधित सरकारी अधिकारियों के साथ ही साझा किया गया है। जांच टीम वित्तीय दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु नियमित रूप से दान देते हैं। इसी दान राशि के रखरखाव और लेखा-जोखा को लेकर कुछ सवाल उठने के बाद जांच शुरू की गई। हालांकि अभी तक जांच एजेंसियों ने किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अंतिम निष्कर्ष SIT की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
सभी की निगाहें अंतिम रिपोर्ट पर
राम मंदिर देश की आस्था और श्रद्धा का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में इस मामले की जांच को लेकर लोगों की विशेष रुचि बनी हुई है।
अब सभी की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि दान राशि के प्रबंधन में कोई अनियमितता हुई है या नहीं और यदि हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जारी है तथा अंतिम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
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