पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर राजनीतिक विवादों के केंद्र में हैं — और इस बार वजह है उनके “जूते”। दरअसल, रविवार को मुख्यमंत्री मान श्री मुक्तसर साहिब के ऐतिहासिक दरबार साहिब गुरुद्वारे पहुंचे थे, जहां उनके जूतों की रखवाली के लिए दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। यह मामला सामने आने के बाद विपक्ष — बीजेपी और कांग्रेस — ने मान सरकार पर जमकर निशाना साधा और इसे “आम आदमी” की छवि के विपरीत बताया।
मामला तब चर्चा में आया जब मुक्तसर पुलिस का एक आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। आदेश के मुताबिक, हेड कांस्टेबल रूप सिंह और कांस्टेबल सरबत सिंह को मुख्यमंत्री भगवंत मान के “जूते की सुरक्षा ड्यूटी” पर सादे कपड़ों में गेट नंबर 7 पर तैनात किया गया था। जैसे ही यह आदेश सामने आया, राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि “आम आदमी पार्टी” के नेता जो खुद को जनता का सेवक बताते हैं, अब अपने जूतों की रखवाली के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बीजेपी प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने कहा, “मुख्यमंत्री के धार्मिक स्थलों पर दौरे के दौरान सुरक्षा तैनात होना सामान्य बात है, लेकिन जूतों की रखवाली के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाना शर्मनाक है। यह उस नेता की दोगली नीति को दर्शाता है जो खुद को आम आदमी कहता है, लेकिन काम शाही अंदाज़ में करता है। अगर इतने महंगे जूते हैं तो क्या डर है कि कोई चुरा ले जाएगा?”

इसी तरह, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी भगवंत मान पर तंज कसते हुए फेसबुक पर पंजाबी में लिखा, “महाराजा सतोज, जितने मर्जी जूते गार्ड करवा लो, अब जनता तुम्हें इन जूतों से निशाना बनाएगी।” उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और “जूते की रखवाली” वाला मुद्दा राजनीतिक हथियार बन गया।
वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा, “विपक्ष के पास पंजाब के विकास के लिए कोई एजेंडा नहीं है। अब उनके पास बस हमारे चप्पल-जूते और मां-बहनों के सूट ही मुद्दे बचे हैं। अगर यही उनका राजनीतिक स्तर है, तो जनता समझ चुकी है कि किसके पास असली काम करने की नीयत है।”

दरअसल, भगवंत मान मुक्तसर साहिब में ‘अमृत 2.0’ योजना के तहत ₹138.83 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस योजना के तहत शहर में पुरानी सीवरेज और पानी की आपूर्ति प्रणाली को आधुनिक बनाया जाएगा और नए इलाकों में पाइपलाइन बिछाने का काम किया जाएगा। मान सरकार का दावा है कि यह परियोजना पंजाब के शहरी ढांचे को बेहतर बनाएगी।
Police Duty on shoes of Punjab CM??
VIP कल्चर ख़त्म करने की बातें करने वाले अब अपने जूते उठाने के लिए भी पुलिस वालों की ड्यूटी लगवा रहे हैं!
क्या ड्यूटी करेंगे ये पुलिस वाले CM के जूतों पर? अगर पुलिस नेता के जूतों की रक्षा करेगी तो आम लोगों की रक्षा कौन करेगा ? CM से ज़्यादा… pic.twitter.com/gJoJQOY9fQ
— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) November 3, 2025
हालांकि, यह विकास परियोजना मुख्यमंत्री के जूतों की रखवाली वाले विवाद के बीच फीकी पड़ गई। विपक्ष लगातार मान सरकार पर “प्रचार की राजनीति” और “वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने” का आरोप लगा रहा है। सोशल मीडिया पर “जूते की ड्यूटी” को लेकर मीम्स और राजनीतिक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है, जिससे यह मामूली प्रशासनिक आदेश अब एक बड़ा सियासी तूफान बन गया है।
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