जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की अहमदाबाद और बेंगलुरु यात्रा के दौरान भारत-जर्मनी के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भारत में जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने बताया कि यह यात्रा विशेष महत्व रखती है क्योंकि इस साल भारत-जर्मनी के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है।
राजदूत एकरमैन ने कहा, “भारत और जर्मनी ने पिछले साल रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने का जश्न मनाया। इस साल हम राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। इसलिए चांसलर की यह यात्रा हमारे राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का साल शुरू करने का प्रतीक है। अहमदाबाद में यह यात्रा इसलिए हो रही है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपने गृह नगर में बुलाया, जो दोस्ती और गर्मजोशी का खास इशारा है। बेंगलुरु भी जर्मन व्यवसाय और निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण केंद्र है।”
#WATCH | Delhi: Regarding cooperation between India and Germany in defence and security areas, Philipp Ackermann, German Ambassador to India, says, "India is a key partner for Germany…This strategic partnership has grown over the years. India is also a very important partner in… https://t.co/w5GOD8DN9y pic.twitter.com/bVBo754qiZ
— ANI (@ANI) January 9, 2026
चांसलर के एजेंडे के बारे में एकरमैन ने कहा कि इस दौरान दोनों देशों के बिजनेस डेलिगेशन के साथ बातचीत होगी। मुख्य मुद्दे व्यापार और अर्थव्यवस्था, माइग्रेशन, और रक्षा व सुरक्षा सहयोग हैं। इसके तहत दोनों पक्षों के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग के लिए रोडमैप विकसित करने हेतु इरादे की संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके अलावा, भू-राजनीतिक स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान भी होगा।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर उन्होंने कहा, “भारत जर्मनी के लिए एक प्रमुख भागीदार है। पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच सहयोग बढ़ा है। कुछ अभ्यासों में स्पष्ट रूप से सहयोग की इच्छा और तैयारी देखी गई है। भारत दुनिया के इस क्षेत्र में तेजी से महत्वपूर्ण भागीदार बन रहा है और सुरक्षा सहयोग आने वाले वर्षों में हमारी साझेदारी का अहम हिस्सा होगा।”
द्विपक्षीय संबंधों पर उन्होंने जोर देते हुए कहा, “हमारे संबंध अब तक के सबसे अच्छे दौर में हैं। यह दौरा पार्टनरशिप को और मजबूत बनाने की दिशा में एक नया प्रयास होगा। हमारी साझेदारी पहले जितनी मज़बूत नहीं थी जितनी अब है, और इसे और बेहतर बनाया जा सकता है।”
इस दौरे के दौरान जर्मन चांसलर मर्ज़ भारत में निवेश और व्यापारिक अवसरों पर भी विशेष ध्यान देंगे और कुछ जर्मन कंपनियों और CEO से व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे।
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