प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ देश और विदेश में दो बड़ी कार्रवाइयाँ की हैं। एक ओर दिल्ली में की गई छापेमारी में करोड़ों रुपये की नकदी और सोना बरामद हुआ है, तो वहीं दूसरी ओर लंदन में बकिंघम पैलेस के पास स्थित एक आलीशान संपत्ति को कुर्क किया गया है।
ईडी ने 30 दिसंबर को दिल्ली के सर्वप्रिय विहार इलाके में एक बड़े सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह कार्रवाई इंद्रजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों, अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अन्य संबंधित संस्थाओं व व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) मामले में की गई। इंद्रजीत यादव के खिलाफ हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 15 से अधिक एफआईआर और चार्जशीट दर्ज हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इंद्रजीत यादव पर अवैध वसूली, हथियार के दम पर डराने-धमकाने और निजी फाइनेंसर्स के साथ जबरन लोन सेटलमेंट कर भारी कमीशन कमाने जैसे गंभीर आरोप हैं। हरियाणा और यूपी पुलिस द्वारा शस्त्र अधिनियम, 1959, बीएनएस 2023 और आईपीसी 1860 की विभिन्न धाराओं में दर्ज मामलों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।

सर्वप्रिय विहार स्थित परिसर में तलाशी के दौरान ईडी ने 5.12 करोड़ रुपये नकद, 8.80 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषणों से भरा एक सूटकेस, चेकबुक से भरा एक बैग और करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय ने विदेश में भी बड़ी कार्रवाई करते हुए यूनाइटेड किंगडम के लंदन में बकिंघम पैलेस के पास स्थित एक बहुमूल्य अचल संपत्ति को जब्त किया है। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह संपत्ति नितिन शंभूकुमार कसलीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व में है। कसलीवाल एस कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रह चुके हैं। उन पर दर्ज कई एफआईआर के अनुसार, भारतीय बैंकों के एक समूह को करीब 1,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
ईडी की इन दोहरी कार्रवाइयों को देश और विदेश दोनों जगहों पर आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
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