प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 10 बजे संसद भवन में उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी सांसदों से मुलाकात करेंगे। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब प्रधानमंत्री विभिन्न राज्यों से राजनीतिक फीडबैक ले रहे हैं और आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दे रहे हैं। यूपी भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया भी जारी है, इसलिए यह बैठक और अधिक अहम हो जाती है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल, असम और बिहार के NDA सांसदों से अलग-अलग मुलाकात कर चुके हैं। इन बैठकों में प्रधानमंत्री ने राज्यों की राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों की रणनीति पर विस्तृत फीडबैक लिया है। इसके साथ ही वे सांसदों को संगठन मजबूत करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के संदर्भ में यह बैठक विशेष महत्व रखती है क्योंकि रविवार, 14 दिसंबर को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का चुनाव होना तय है। सूत्रों का कहना है कि अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नामांकन पत्र दाखिल होने की संभावना है, जिससे शनिवार शाम तक यह तय हो जाएगा कि यूपी भाजपा की बागडोर किस नेता के हाथों में सौंपी जाएगी। वहीं प्रांतीय परिषद के लिए आवश्यक सदस्य चुने जा चुके हैं—403 विधानसभा सीटों में से 327 प्रतिनिधियों का चयन कर लिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में यही परिषद सदस्य वोट डालते हैं। 98 में से 84 संगठनात्मक जिलों के चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं, इसलिए चुनाव की औपचारिक घोषणा कभी भी हो सकती है। उत्तर प्रदेश के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है, और उनके लखनऊ पहुंचते ही नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार यूपी भाजपा अध्यक्ष पद के लिए केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी का नाम लगभग तय माना जा रहा है। वे ओबीसी समुदाय से आते हैं और प्रदेश में भाजपा के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। अन्य संभावित दावेदारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, दलित नेता विद्यासागर सोनकर और पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के नाम भी शामिल हैं। निरंजन ज्योति ने कुछ दिन पहले भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से मुलाकात भी की थी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पद जून 2024 से खाली है। लोकसभा चुनावों में अपेक्षा से कम सीटें आने के बाद तत्कालीन अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था, जिसके बाद से यह पद रिक्त है। ऐसे में नया अध्यक्ष चुना जाना 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री ने संसद भवन में बिहार के NDA सांसदों से मुलाकात की थी। गुरुवार शाम को उन्होंने अपने सरकारी आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर सभी NDA सांसदों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया था, जिसमें भाजपा और सहयोगी दलों के सांसदों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात को “अत्यंत सुखद अनुभव” बताया।
फिलहाल शीतकालीन सत्र चल रहा है, जिसके कारण सभी सांसद दिल्ली में मौजूद हैं। इसी का लाभ उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी राज्यवार NDA सांसदों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं, ताकि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
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