गोवा के मडगांव स्थित बिर्च बाय रोमियो लेन रेस्टोरेंट में हुए भीषण अग्निकांड मामले से जुड़े मुख्य आरोपियों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को आज भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे थाईलैंड के फुकेट की अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत में पेशी के बाद दोनों आरोपियों का मेडिकल चेकअप किया जाएगा। इसके बाद थाईलैंड पुलिस उन्हें भारतीय अधिकारियों को औपचारिक रूप से सौंप देगी। भारत वापस लाने के लिए गोवा पुलिस की एक विशेष टीम पहले ही फुकेट पहुंच चुकी है और अधिकांश कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कर ली गई हैं। इस बीच, दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने लूथरा ब्रदर्स की अग्रिम ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे उनकी गिरफ्तारी की संभावना और बढ़ गई है।
थाईलैंड से जुड़े पांच बड़े अपडेट्स भी सामने आए हैं। पहला, फुकेट की स्थानीय अदालत में आज दोनों आरोपियों की पेशी होगी, जिन्हें थाईलैंड में अवैध रूप से रहने के आरोप में हिरासत में लिया गया है, क्योंकि भारत सरकार ने उनका पासपोर्ट पहले ही सस्पेंड कर दिया था। दूसरा, भारत की ओर से जारी ब्लू कॉर्नर नोटिस के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तेज हुई। तीसरा, अदालत की औपचारिक अनुमति के बाद दोनों को भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। चौथा, उन्हें भारतीय अधिकारियों को सौंपने से पहले मेडिकल जांच अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। पाँचवाँ, पासपोर्ट निलंबन के चलते दोनों के लिए भारतीय दूतावास इमरजेंसी ट्रैवल सर्टिफिकेट जारी करेगा, जिसके लिए उन्हें बैंकॉक ले जाया जाएगा।
Deportation process of the Luthra brothers from Thailand has begun, in the first step towards bringing them back to the country over the fire tragedy at their nightclub in Goa that left dozens of tourists dead earlier this month. Luthras being flown to Bangkok from Phuket. pic.twitter.com/9IEIifZxjg
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) December 12, 2025
दिल्ली में भी लूथरा ब्रदर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रोहिणी कोर्ट में उनकी अग्रिम ज़मानत याचिका पर सुनवाई के दौरान गोवा पुलिस ने इसका कड़ा विरोध किया, जिसके बाद अदालत ने उनकी याचिका रद्द कर दी। यह जानकारी भी सामने आई है कि गोवा पुलिस को विभिन्न एजेंसियों से सूचना मिली थी कि दोनों भाई थाईलैंड में हिरासत में हैं। इससे उनके भारत वापस लाए जाने की प्रक्रिया मजबूत हुई है।
इधर गोवा सरकार ने भी इस हादसे पर त्वरित कार्रवाई की है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। आग लगने के दौरान कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन सरकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जिनमें से दो—शमिला मोंटेइरो और सिद्धि हलर्नकर—जांच में सहयोग कर रहे हैं। गोवा पुलिस ने पुष्टि की है कि हादसे में मारे गए सभी 25 शवों की पहचान कर ली गई है और उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।
शनिवार रात हुए इस हादसे में करीब 100 लोग मौजूद थे। आग लगने का मुख्य कारण क्लब की डेकोरेशन में इस्तेमाल किए गए ज्वलनशील पदार्थ पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि फायर सेफ्टी नियमों का गंभीर उल्लंघन किया गया था, जिसके चलते यह त्रासदी और भी भयावह हो गई।
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