भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा IRCTC ने यात्रियों की सुविधा के लिए अपनी नई बीटा वेबसाइट लॉन्च कर दी है। नई वेबसाइट को 15 जुलाई 2026 से यात्रियों के लिए उपलब्ध कराया गया है। दावा किया गया है कि अपग्रेडेड सिस्टम एक मिनट में करीब 1.5 लाख रेल टिकट बुकिंग अनुरोधों को संभालने में सक्षम होगा। इससे तत्काल टिकट बुक करने वाले यात्रियों सहित रोजाना रेल यात्रा करने वाले लाखों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल वेबसाइट को बीटा वर्जन में शुरू किया गया है। यात्रियों से मिलने वाले सुझावों और तकनीकी फीडबैक के आधार पर इसके डिजाइन, फीचर्स और बुकिंग सिस्टम में आगे सुधार किया जाएगा। बीटा परीक्षण पूरा होने के बाद अगले कुछ सप्ताह में नया पोर्टल पूरी तरह लागू किए जाने की योजना है।
छात्रों के सुझावों से तैयार हुई नई IRCTC वेबसाइट
नई वेबसाइट के डिजाइन में यात्रियों के साथ-साथ इंजीनियरिंग छात्रों के सुझावों को भी शामिल किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 12 जून 2026 को मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर में छात्रों के साथ संवाद किया था।
इस दौरान छात्रों ने IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप से जुड़ी कई समस्याओं के बारे में रेल मंत्री को जानकारी दी थी। छात्रों ने बताया था कि टिकट बुकिंग के समय वेबसाइट धीमी हो जाती है, ओटीपी मिलने में देरी होती है और कई बार भुगतान या यात्री विवरण भरने से पहले ही सेशन समाप्त हो जाता है।
एक छात्रा ने रेल मंत्री से कहा था कि IRCTC की वेबसाइट और ऐप में बार-बार तकनीकी परेशानी आने के कारण यात्रियों को टिकट बुक करने में कठिनाई होती है। इसके बाद रेल मंत्री ने वेबसाइट और बुकिंग सिस्टम को बेहतर बनाने का आश्वासन दिया था। रेलवे के अनुसार, नई वेबसाइट तैयार करते समय छात्रों के सुझावों को ध्यान में रखा गया और उन्हें डिजाइन प्रक्रिया में भी शामिल किया गया।
IRCTC has launched the beta version of its new website today.
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— Ministry of Railways (@RailMinIndia) July 15, 2026
24 साल बाद IRCTC वेबसाइट में बड़ा बदलाव
IRCTC ने वर्ष 2002 में ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग वेबसाइट की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य यात्रियों को रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र पर जाए बिना इंटरनेट के माध्यम से टिकट बुक करने की सुविधा देना था।
लगभग 24 वर्षों बाद वेबसाइट के इंटरफेस और तकनीकी ढांचे में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। वर्तमान में IRCTC के प्लेटफॉर्म से प्रतिदिन औसतन 14.5 लाख से अधिक टिकट बुक किए जाते हैं। त्योहारों, छुट्टियों और तत्काल बुकिंग के समय वेबसाइट पर अचानक ट्रैफिक बढ़ने से यात्रियों को सर्वर धीमा होने और बुकिंग प्रक्रिया अटकने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
नई वेबसाइट के साथ रेलवे का लक्ष्य अधिक ट्रैफिक को संभालना, बुकिंग प्रक्रिया तेज करना और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना है।
नई IRCTC वेबसाइट में किए गए 4 बड़े बदलाव
1. कैप्चा की परेशानी होगी कम
पुरानी वेबसाइट पर टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को कैप्चा भरने में कई बार परेशानी होती थी। गलत कैप्चा दर्ज होने या कैप्चा लोड होने में देरी के कारण बुकिंग प्रक्रिया लंबी हो जाती थी।
नई बीटा वेबसाइट में कैप्चा प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया गया है। इससे यात्रियों को तेजी से लॉगइन करने और टिकट बुकिंग प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिल सकती है। तत्काल टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकता है, क्योंकि तत्काल कोटे की सीटें कुछ ही मिनटों में भर जाती हैं।
2. सभी क्लास की सीटें एक ही जगह दिखाई देंगी
नई वेबसाइट में ट्रेन की अलग-अलग श्रेणियों की सीट उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर दिखाई जाएगी। यात्रियों को फर्स्ट एसी, सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर, चेयर कार और जनरल श्रेणी की जानकारी देखने के लिए बार-बार अलग विकल्प नहीं खोलने पड़ेंगे।
इस व्यवस्था से यात्री उपलब्ध सीट, किराया और यात्रा श्रेणी की तुलना आसानी से कर सकेंगे। किसी एक श्रेणी में सीट उपलब्ध नहीं होने पर यात्री तुरंत दूसरी श्रेणी का विकल्प चुन सकेंगे।
3. फास्ट चेकआउट से कम चरणों में बुक होगा टिकट
IRCTC ने नई वेबसाइट में चेकआउट प्रक्रिया को सरल बनाया है। पुरानी व्यवस्था में यात्रियों को टिकट बुक करने के लिए कई पेज और प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। इससे बुकिंग में अधिक समय लगता था और सेशन एक्सपायर होने का खतरा भी बना रहता था।
नई बीटा वेबसाइट में टिकट बुकिंग के चरणों को कम किया गया है। यात्री कम क्लिक और कम प्रक्रियाओं के माध्यम से बुकिंग पूरी कर सकेंगे। फास्ट चेकआउट सुविधा से भुगतान प्रक्रिया भी पहले के मुकाबले तेज होने की उम्मीद है।
4. नियमित यात्रियों के लिए आसान रिपीट बुकिंग
नई वेबसाइट पर नियमित रूप से ट्रेन यात्रा करने वाले लोगों के लिए रिपीट बुकिंग सिस्टम शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत पहले दर्ज की गई यात्री जानकारी को सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी।
यात्रियों को हर बार नाम, उम्र, पता और अन्य विवरण दोबारा मैन्युअली भरने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से सुरक्षित जानकारी का उपयोग कर यात्री जल्दी टिकट बुक कर सकेंगे। हालांकि यात्रियों को बुकिंग से पहले विवरण की जांच करने की सलाह दी जाएगी, ताकि गलत जानकारी के कारण यात्रा के दौरान परेशानी न हो।
वेबसाइट का डिजाइन पहले से ज्यादा साफ
रेल मंत्रालय के अनुसार, नई वेबसाइट के होमपेज और टिकट सर्च पेज को पहले से ज्यादा साफ और व्यवस्थित बनाया गया है। ऐसे अनावश्यक एलिमेंट्स को हटाया गया है, जिनसे यात्रियों का ध्यान भटकता था या महत्वपूर्ण विकल्प खोजने में परेशानी होती थी।
नई वेबसाइट में ट्रेन खोजने, यात्रा की तारीख चुनने, सीट उपलब्धता देखने और टिकट बुक करने के विकल्पों को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसका उद्देश्य पहली बार वेबसाइट इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए भी बुकिंग प्रक्रिया को सरल बनाना है।
सिर्फ डिजाइन नहीं, बैकएंड सिस्टम भी होगा अपग्रेड
रेलवे केवल IRCTC वेबसाइट के बाहरी डिजाइन में बदलाव नहीं कर रहा है, बल्कि टिकट बुकिंग के बैकएंड सिस्टम को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। रेलवे का पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम लंबे समय से यात्रियों की टिकट बुकिंग, सीट आवंटन, प्रतीक्षा सूची और टिकट रद्द करने जैसी सेवाओं को संभाल रहा है।
अब पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जा रहा है। इसका उद्देश्य टिकट बुकिंग क्षमता बढ़ाना, सिस्टम की गति में सुधार करना और अत्यधिक ट्रैफिक के समय तकनीकी समस्याओं को कम करना है।
लाइव टिकट बुकिंग सेवा के बीच सिस्टम अपग्रेड करना बड़ी चुनौती
रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती मौजूदा टिकट बुकिंग सेवा को बंद किए बिना नए बैकएंड सिस्टम को लागू करना था। IRCTC की वेबसाइट और ऐप से हर दिन लाखों टिकट बुक होते हैं। ऐसे में सिस्टम को लंबे समय तक बंद रखने से यात्रियों को भारी परेशानी हो सकती थी।
इसी कारण रेलवे ने नए सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से तैयार किया है। बीटा वेबसाइट के माध्यम से पहले सीमित स्तर पर यात्रियों के अनुभव और तकनीकी प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इसके बाद जरूरी सुधार करते हुए नए सिस्टम को सभी यात्रियों के लिए लागू किया जाएगा।
यात्रियों से फीडबैक देने की अपील
रेल मंत्रालय ने यात्रियों से नई बीटा वेबसाइट का इस्तेमाल करने और अपने अनुभव साझा करने की अपील की है। वेबसाइट के होमपेज पर फीडबैक का विकल्प दिया गया है, जहां यात्री नए लेआउट, टिकट सर्च, सीट उपलब्धता, भुगतान और अन्य सुविधाओं के बारे में अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
यात्रियों से पूछा जाएगा कि नई वेबसाइट पर जानकारी आसानी से मिल रही है या नहीं, टिकट बुकिंग के दौरान कोई तकनीकी समस्या आई या नहीं और किन सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है।
यदि किसी यात्री को वेबसाइट इस्तेमाल करते समय तकनीकी परेशानी होती है, तो उसे स्क्रीनशॉट लेकर रेलवे को भेजने की सलाह दी गई है। यात्रियों के फीडबैक के आधार पर वेबसाइट की कमियों को दूर किया जाएगा।
अगले कुछ हफ्तों में पूरी तरह लागू हो सकता है नया पोर्टल
रेलवे के अनुसार, बीटा परीक्षण और यात्रियों से मिले सुझावों की समीक्षा के बाद नया IRCTC पोर्टल अगले कुछ सप्ताह में पूरी तरह कार्यात्मक बनाया जा सकता है। इसके बाद सभी यात्रियों को अपग्रेडेड वेबसाइट के माध्यम से टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
नई वेबसाइट और बैकएंड सिस्टम के सफलतापूर्वक लागू होने के बाद तत्काल टिकट बुकिंग, त्योहारों के दौरान बढ़ने वाले ट्रैफिक और सामान्य टिकट आरक्षण में यात्रियों को पहले के मुकाबले बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है।
नई IRCTC वेबसाइट का इस्तेमाल कैसे करें?
यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगइन कर सकते हैं। इसके बाद यात्रा का स्टेशन, गंतव्य, तारीख और श्रेणी चुनकर ट्रेन खोजी जा सकती है।
ट्रेन और सीट का चयन करने के बाद यात्री पहले से सुरक्षित जानकारी का इस्तेमाल कर सकते हैं या नए यात्री का विवरण दर्ज कर सकते हैं। भुगतान पूरा होने के बाद ई-टिकट यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर उपलब्ध हो जाएगा।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए यात्रियों को केवल IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक मोबाइल ऐप का ही इस्तेमाल करना चाहिए। किसी अनजान लिंक पर अपना पासवर्ड, ओटीपी, बैंक या कार्ड संबंधी जानकारी दर्ज नहीं करनी चाहिए।
IRCTC की नई बीटा वेबसाइट भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। तेज बुकिंग क्षमता, आसान इंटरफेस, सरल कैप्चा, फास्ट चेकआउट और रिपीट बुकिंग जैसी सुविधाओं से यात्रियों का समय बच सकता है।
हालांकि वेबसाइट की वास्तविक सफलता बीटा परीक्षण, सर्वर के प्रदर्शन और यात्रियों से मिलने वाले फीडबैक पर निर्भर करेगी। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों के सुझावों के आधार पर पोर्टल को लगातार बेहतर बनाया जाएगा।
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