कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) से जुड़ी ड्यूटी कर रहे एक सरकारी अधिकारी पर कथित रूप से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद डीजे हल्ली पुलिस ने दो आरोपित युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान 22 वर्षीय दस्तगीर और 21 वर्षीय यारब के रूप में हुई है।
रोशन नगर में SIR प्रक्रिया का निरीक्षण कर रहे थे अधिकारी
पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना बुधवार, 29 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे बेंगलुरु के देवराजeeवनहल्ली यानी डीजे हल्ली पुलिस थाना क्षेत्र में हुई। कर्नाटक स्लम डेवलपमेंट बोर्ड में सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत 37 वर्षीय पकीरप्पा को पुलकेशीनगर राजस्व कार्यालय ने वार्ड संख्या 47 में SIR का काम कर रहे बूथ लेवल अधिकारियों की निगरानी के लिए तैनात किया था।
पकीरप्पा रोशन नगर की 18वीं क्रॉस स्थित कौसर मस्जिद के पास चल रहे SIR कार्य का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान दस्तगीर ने कथित रूप से वहाँ मौजूद बूथ लेवल अधिकारी से SIR का फॉर्म माँगा। अधिकारी ने बताया कि दस्तगीर जयनगर क्षेत्र का निवासी है और उसे संबंधित फॉर्म अपने निर्वाचन क्षेत्र से प्राप्त करना होगा।
फॉर्म देने से इनकार पर शुरू हुई बहस
शिकायत के अनुसार, फॉर्म नहीं दिए जाने पर दस्तगीर और बूथ लेवल अधिकारी के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ता देखकर पकीरप्पा ने बीच-बचाव किया और दोनों युवकों से सरकारी कर्मचारी के साथ बहस करने का कारण पूछा।
आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने पकीरप्पा के चेहरे पर मुक्का मार दिया, जिससे उनके होंठ से खून निकलने लगा। दूसरे आरोपित ने कथित रूप से उनकी आँख के पास और पीठ पर हमला किया। स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।
अस्पताल में कराया गया इलाज
हमले के बाद पकीरप्पा ने घटना की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद वह इलाज के लिए डॉ. बीआर अंबेडकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचे। उपचार कराने के बाद उन्होंने डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
सरकारी कर्मचारी पर हमले का मामला दर्ज
पकीरप्पा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दस्तगीर और यारब के खिलाफ सरकारी कर्मचारी को चोट पहुँचाने, जानबूझकर अपमान करने और समान मंशा से अपराध करने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जाँच जारी है।
इस घटना ने घर-घर जाकर मतदाता सूची के सत्यापन और पुनरीक्षण का काम कर रहे सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक इस हमले के पीछे किसी व्यापक साजिश या आरोपितों के किसी अन्य नेटवर्क से जुड़े होने की पुष्टि नहीं की है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel