पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा को लेकर बढ़ा विवाद
प्रदर्शन का मुख्य कारण फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा से जुड़ा विवाद है। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का आरोप है कि परीक्षा में पेपर लीक और व्यापक अनियमितताएं हुई हैं। इसके साथ ही राज्य में अन्य भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक के मामलों को भी मुद्दा बनाया जा रहा है।
हालांकि, पंजाब सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का कहना है कि यह मामला पेपर लीक का नहीं, बल्कि कुछ अभ्यर्थियों द्वारा हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से नकल करने का है। सरकार का दावा है कि प्रश्नपत्र लीक होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।
CBI जांच की मांग हुई तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए विपक्ष और छात्र संगठनों ने पूरे प्रकरण की CBI जांच कराने की मांग की है। ABVP के अलावा भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) भी इस मुद्दे को लेकर मान सरकार को घेर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
विपक्ष का दावा है कि पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान पंजाब में कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले सामने आए हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रही है।
AAP का कहना है कि उसके कार्यकाल में एक भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल जनता को भ्रमित करने के लिए झूठा नैरेटिव तैयार कर रहे हैं क्योंकि उनके पास सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
पंजाब पुलिस ने किया था नकल गिरोह का भंडाफोड़
गौरतलब है कि 19 जुलाई को पंजाब पुलिस ने फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान सक्रिय एक अंतर-राज्यीय नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में गिरोह के 11 सदस्यों और 10 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी हाईटेक उपकरणों के जरिए परीक्षा में नकल कराने की कोशिश कर रहे थे।
इसी घटना के बाद से विपक्ष लगातार इसे पेपर लीक का मामला बताते हुए सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार इसे संगठित नकल का मामला मान रही है। अब इस मुद्दे ने पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
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