प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए नक्सलवाद और माओवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई, देश की आंतरिक सुरक्षा, लोकतांत्रिक व्यवस्था और आर्थिक अवसरों को लेकर अहम बातें कहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के भारत के लिए उन पुरानी चुनौतियों को समाप्त करना बेहद जरूरी है, जिन्होंने दशकों तक देश के विकास को प्रभावित किया।
पीएम मोदी ने नक्सलवाद और माओवाद का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ और अनेक परिवारों ने अपनों को खोया। उन्होंने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद ने देश के बड़े हिस्से को हिंसा की चपेट में रखा और बंदूक के दम पर लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक व्यवस्था को चुनौती दी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज हथियारबंद नक्सलवाद के साथ-साथ वैचारिक स्तर पर देश को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों से भी सतर्क रहने की जरूरत है। पीएम मोदी ने इस संदर्भ में कहा कि “हथियारों वाले नक्सल से बड़ी चुनौती दिमागी नक्सली हैं और देश को इससे बचाना होगा।”
नक्सली हिंसा में 3,500 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों ने गंवाई जान: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आम नागरिकों की रक्षा और नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के दौरान देश के 3,500 से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा के कारण लंबे समय तक अनेक क्षेत्रों में भय और असुरक्षा का माहौल रहा।
पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि आज नक्सली और माओवादी हिंसा अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और हिंसक संगठनों में पहले जैसी ताकत नहीं बची है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करना है और इस दिशा में लगातार आगे बढ़ा जा रहा है।
‘जहां गोलियां गूंजती थीं, आज वहां तिरंगा शान से लहरा रहा है’
प्रधानमंत्री ने नक्सल प्रभावित इलाकों में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी और हिंसा का माहौल रहता था, आज उन्हीं क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सरकारी प्रयासों का असर दिखाई दे रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज नक्सल प्रभावित इलाकों में तिरंगा शान से लहरा रहा है और कई क्षेत्र नक्सलवाद मुक्त बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार की ओर से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के जरिए इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
लोकतंत्र और संविधान भारत की सबसे बड़ी ताकत: पीएम मोदी
अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की राजनीतिक और संवैधानिक व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के पास स्थिर राजनीतिक जनादेश, स्थिर सरकार, जीवंत लोकतंत्र, मजबूत न्याय व्यवस्था और ऐसा संविधान है, जो देश को आगे बढ़ने की दिशा देता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक संस्थाएं देश की बड़ी ताकत हैं।
व्यापार समझौतों को लेकर MSME सेक्टर से पीएम मोदी की अपील
पीएम मोदी ने हाल के व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए भारतीय MSME सेक्टर से इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नए व्यापार समझौते भारतीय उद्यमियों और उद्योगों के लिए बड़ा अवसर लेकर आए हैं और देश को इन्हें गंवाना नहीं चाहिए।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से वैश्विक बाजार में अपनी भागीदारी बढ़ाने, नए अवसरों का लाभ लेने और भारत की आर्थिक ताकत को मजबूत करने का आह्वान किया।
लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद के खिलाफ अभियान, लोकतांत्रिक मजबूती और आर्थिक अवसरों पर केंद्रित रहा। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि देश अब नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel