तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी को कोलकाता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। भड़काऊ भाषण के आरोप में दर्ज FIR मामले में कोर्ट ने उन्हें अंतरिम संरक्षण प्रदान किया है।
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने निर्देश दिया कि 31 जुलाई 2026 तक पुलिस बनर्जी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिषेक बनर्जी अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते।
कोर्ट की शर्तें
कोर्ट ने आदेश दिया है कि नोटिस मिलने के 48 घंटे के भीतर अभिषेक बनर्जी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना होगा। यह आदेश कोलकाता हाई कोर्ट के जज सौगतो भट्टाचार्य ने सुनाया।
क्या है पूरा मामला?
अभिषेक बनर्जी पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण देने और कथित तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने का आरोप है।
इस मामले में एक शिकायतकर्ता द्वारा FIR दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने मंच से धमकी भरा बयान दिया था।
FIR रद्द करने की मांग
अभिषेक बनर्जी ने इस FIR को रद्द करने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद उन्हें यह अंतरिम राहत मिली है।
राजनीतिक और कानूनी पृष्ठभूमि
हाल के समय में अभिषेक बनर्जी विभिन्न जांच और कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनकी सुरक्षा व्यवस्था और संपत्तियों से जुड़े मामलों में भी प्रशासनिक कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं।
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