पटना के चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को कोचिंग फायरिंग केस में फिलहाल अग्रिम जमानत नहीं मिली है। हालांकि पटना कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को 3 जुलाई 2026 तक बरकरार रखा है। अब खान सर की अग्रिम जमानत अर्जी और उनके दोनों सुरक्षा कर्मियों की जमानत याचिका पर 3 जुलाई को सुनवाई होगी।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने खान सर के दोनों निजी सुरक्षा गार्डों के हथियार लाइसेंस से जुड़ा पूरा विवरण मांगा। कोर्ट यह जानना चाहता है कि जिस हथियार से फायरिंग हुई, वे वैध लाइसेंस वाले थे या नहीं, उनका इस्तेमाल लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप हुआ या नहीं और फायरिंग की परिस्थिति कानूनी रूप से उचित थी या नहीं।
सुनवाई के बाद खान सर के वकील अरविंद कुमार महुआर ने कहा कि सभी जमानत अर्जियों पर एक साथ सुनवाई हुई। उनके अनुसार, बचाव पक्ष ने कोर्ट में सप्लीमेंट्री हलफनामा दाखिल किया है, जिसमें यह दिखाने की कोशिश की गई है कि सुरक्षा गार्ड के पास उत्तर प्रदेश के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी यात्रा संबंधी लाइसेंस या अनुमति थी। वकील ने यह भी कहा कि बॉडीगार्ड्स के लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज कोर्ट में जमा किए गए हैं और अब उनकी सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई है।
#WATCH | Patna, Bihar | On Khan Sir Bail Plea Court Hearing, Khan Sir's Advocate Arvind Kumar Mawwar says, “All the bail applications were heard together. Regarding the regular bail application, the Public Prosecutor submitted that Pradeep Kumar’s (Khan Sir's security guard)… pic.twitter.com/3x3h7Uvhzg
— ANI (@ANI) June 30, 2026
सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि खान सर के दो सुरक्षा गार्डों के हथियार लाइसेंस को लेकर गंभीर सवाल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक गार्ड का लाइसेंस उत्तर प्रदेश तक सीमित बताया गया, जबकि उसका इस्तेमाल बिहार में हुआ। दूसरे गार्ड के लाइसेंस को लेकर यह सवाल उठाया गया कि वह आत्मरक्षा के लिए था, न कि किसी के निजी बॉडीगार्ड के रूप में हथियार चलाने के लिए।
सरकारी पक्ष की दलील है कि अगर हथियारों का इस्तेमाल लाइसेंस की शर्तों के खिलाफ हुआ है, तो यह आर्म्स एक्ट से जुड़ा गंभीर मामला बन सकता है। रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि एक लाइसेंस के रिन्यूअल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसी आधार पर सरकारी पक्ष ने अदालत से फिलहाल अग्रिम जमानत नहीं देने का अनुरोध किया।
यह पूरा मामला पटना के कदमकुआं इलाके में स्थित खान ग्लोबल एकेडमी के बाहर हुई फायरिंग से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2 जून की रात करीब 10:30 बजे कुछ लोग कोचिंग संस्थान के बाहर पहुंचे और हंगामा करने लगे। आरोप है कि इसी दौरान बैनर-पोस्टर फाड़े गए और सुरक्षा कर्मी से मारपीट की गई। बाद में वायरल वीडियो की जांच में पता चला कि फायरिंग करने वाले दोनों व्यक्ति खान सर के निजी सुरक्षा गार्ड थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों सुरक्षा कर्मियों ने दो-दो राउंड फायरिंग की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों गार्ड उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और नोएडा की एक सुरक्षा एजेंसी से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने दोनों को लोगों में भय और दहशत फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
शुरुआत में इस घटना को लेकर आरोप एक दूसरे कोचिंग संचालक और उसके समर्थकों पर लगाए गए थे। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, रोशन आनंद भी इस मामले में आरोपी हैं और कथित तोड़फोड़ तथा पत्थरबाजी से जुड़े केस में उन्हें जमानत मिल चुकी है। अब मामला खान सर के सुरक्षा कर्मियों की फायरिंग और हथियार लाइसेंस की वैधता पर केंद्रित हो गया है।
9 जून को कोर्ट ने खान सर को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी, जिसे बाद में 30 जून तक बढ़ाया गया और अब अगली सुनवाई तक यानी 3 जुलाई तक जारी रखा गया है। अदालत ने साफ किया है कि अगली सुनवाई तक खान सर के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन अग्रिम जमानत पर अंतिम फैसला अभी लंबित है।
अब 3 जुलाई की सुनवाई अहम मानी जा रही है। उस दिन कोर्ट के सामने पुलिस की अपडेटेड केस डायरी, सुरक्षा गार्डों के आर्म्स लाइसेंस की सत्यापन रिपोर्ट और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे का फैसला हो सकता है। अगर लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है, तो हथियार लाइसेंस रद्द करने या अन्य कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।
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