असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में घर, सड़कें और खेत पानी में डूब गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य प्रशासन की मांग पर भारतीय सेना ने राहत और बचाव अभियान की जिम्मेदारी संभालते हुए ‘ऑपरेशन जल राहत III’ शुरू किया है।
भारतीय सेना की ओर से यह अभियान असम के शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव जिलों में चलाया जा रहा है। अभियान के तहत बाढ़ में फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें जरूरी मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

बाढ़ राहत के लिए सेना की तीन विशेष टुकड़ियां तैनात
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए भारतीय सेना के ऑपरेशनल कंट्रोल में तीन विशेष बाढ़ राहत टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इन टुकड़ियों को इंजीनियर टास्क फोर्स (ETF) का सहयोग भी मिल रहा है।
सेना की टीमों को नावों, राहत उपकरणों और आपातकालीन संसाधनों के साथ संवेदनशील इलाकों में भेजा गया है। इसका उद्देश्य पानी में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना और उन्हें सुरक्षित राहत शिविरों तक पहुंचाना है।
शिवसागर में गार्गांव कॉलेज से चल रहा राहत अभियान
शिवसागर जिले में भारतीय सेना की टुकड़ियां गार्गांव कॉलेज को अपना परिचालन केंद्र बनाकर राहत कार्य कर रही हैं। सेना के जवान नागरिक प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर बाढ़ प्रभावित गांवों और इलाकों में लोगों की मदद कर रहे हैं।
टीमें लगातार स्थिति का आकलन कर रही हैं और जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर राहत सामग्री तथा बचाव दल भेजे जा रहे हैं।
जोरहाट के मारियानी में सेना की टीम तैनात
जोरहाट जिले में सेना की एक विशेष टुकड़ी को मारियानी में तैनात किया गया है। इस टीम को जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत अभियान शुरू करने के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है।
किसी भी आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने के लिए सेना ने एक अतिरिक्त रिजर्व टुकड़ी भी तैयार रखी है। इससे अचानक जलस्तर बढ़ने या किसी नए इलाके के बाढ़ की चपेट में आने पर तत्काल मदद पहुंचाई जा सकेगी।
चराइदेव में 150 नागरिकों को सुरक्षित निकाला
चराइदेव जिले में भारतीय सेना ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाते हुए पानी से घिरे इलाकों से 150 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
रेस्क्यू किए गए लोगों में:
- 73 पुरुष
- 47 महिलाएं
- 30 बच्चे
शामिल हैं। सभी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों और राहत केंद्रों तक पहुंचाया गया है।
इस अभियान में सेना की टुकड़ी के साथ इंजीनियर टास्क फोर्स और क्विक रिएक्शन टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों और तेज बहाव के बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकाला।
प्रशासन के साथ लगातार समन्वय
भारतीय सेना राज्य और जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है। बाढ़ की स्थिति, जलस्तर और प्रभावित आबादी की जरूरत के अनुसार सेना की टीमों को तैनात किया जा रहा है।
सेना ने स्पष्ट किया है कि राहत और बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य नहीं हो जाती और फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों तक नहीं पहुंचा दिया जाता।
असम में भारतीय सेना का यह अभियान संकट के समय नागरिक प्रशासन और सुरक्षा बलों के बीच मजबूत समन्वय का उदाहरण बनकर सामने आया है।
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