पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में बढ़ोतरी कर दी है। सरकार के नए फैसले के अनुसार, पात्र लाभार्थियों को अब हर महीने 1,000 रुपए के बजाय 1,500 रुपए की पेंशन दी जाएगी। यानी प्रत्येक लाभार्थी को हर महीने 500 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे।
सरकार के अनुसार, बढ़ी हुई पेंशन राशि का भुगतान 1 अगस्त से शुरू किया जाएगा। हालांकि, पेंशन में हुई यह वृद्धि 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएगी। ऐसे में पात्र लाभार्थियों को अप्रैल से जुलाई तक की बढ़ी हुई राशि का लाभ भी नियमों के अनुसार मिल सकता है।
भाजपा के संकल्प पत्र में किया गया था पेंशन बढ़ाने का वादा
राज्य सरकार ने भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र में किए गए वादे को पूरा करते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाने का फैसला लिया है। इससे पहले राज्य में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगता पेंशन के तहत पात्र लोगों को हर महीने 1,000 रुपए दिए जाते थे।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद लाभार्थियों को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांग नागरिकों को रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
तीन प्रमुख पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
पश्चिम बंगाल पंचायत मामलों और ग्रामीण विकास विभाग ने नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम यानी NSAP के तहत संचालित तीन प्रमुख योजनाओं की पेंशन राशि बढ़ाने के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।
इन योजनाओं में शामिल हैं:
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना
इन योजनाओं के अंतर्गत पात्र और सत्यापित लाभार्थियों को बढ़ी हुई पेंशन का लाभ दिया जाएगा।
DBT के जरिए सीधे बैंक खातों में आएगा पैसा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेंशन राशि का भुगतान पहले की तरह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। लाभार्थियों के बैंक खातों में पूरी राशि सीधे जमा की जाएगी।
DBT व्यवस्था के कारण पेंशन भुगतान में बिचौलियों की भूमिका कम होगी और लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से आर्थिक सहायता मिल सकेगी। लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों का बैंक खाता सक्रिय और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ा होना जरूरी होगा।
1 अप्रैल से प्रभावी होगी ₹500 की बढ़ोतरी
विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, पेंशन में 500 रुपए प्रति माह की वृद्धि 1 अप्रैल से लागू मानी जाएगी। हालांकि, बढ़ी हुई मासिक पेंशन का नियमित भुगतान 1 अगस्त से शुरू होने की बात कही गई है।
इस फैसले के बाद प्रत्येक पात्र लाभार्थी को सालाना 6,000 रुपए की अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। पहले लाभार्थियों को एक वर्ष में 12,000 रुपए मिलते थे, जो अब बढ़कर 18,000 रुपए हो जाएंगे।
बजट में किया गया था पेंशन बढ़ाने का ऐलान
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगता पेंशन में 500 रुपए की वृद्धि का प्रस्ताव रखा था। विधानसभा में बजट प्रस्ताव पेश होने के बाद संबंधित विभाग ने अब इसे लागू करने के लिए औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, पेंशन बढ़ोतरी के कारण पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पंचायत मामलों और ग्रामीण विकास विभाग को दिए गए बजट आवंटन से वहन किया जाएगा।
जिलाधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश
योजना का लाभ सभी पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने के लिए राज्य प्रशासन ने जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।
जिला मजिस्ट्रेटों, जिला पंचायत एवं ग्रामीण विकास अधिकारियों, कार्यान्वयन एजेंसियों और राज्य शहरी विकास एजेंसी से कहा गया है कि लाभार्थियों के रिकॉर्ड, बैंक खातों और पात्रता संबंधी जानकारियों की जांच समयसीमा के भीतर पूरी की जाए।
सरकार ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि किसी पात्र बुजुर्ग, विधवा या दिव्यांग व्यक्ति को दस्तावेजी या तकनीकी कारणों से बढ़ी हुई पेंशन से वंचित न रहना पड़े।
लाखों जरूरतमंद परिवारों को मिलेगी आर्थिक राहत
पेंशन राशि बढ़ाए जाने से राज्य के लाखों सामाजिक सुरक्षा लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। महंगाई और बढ़ते दैनिक खर्चों के बीच अतिरिक्त 500 रुपए बुजुर्गों की दवाइयों, राशन और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
विधवा और दिव्यांग लाभार्थियों के लिए भी यह आर्थिक सहायता उनके जीवनयापन और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
लाभार्थी इन बातों का रखें ध्यान
बढ़ी हुई पेंशन प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका बैंक खाता चालू हो, आधार और अन्य जरूरी दस्तावेज अपडेट हों तथा संबंधित योजना में उनका नाम सक्रिय लाभार्थी के रूप में दर्ज हो।
बैंक खाते, आधार लिंकिंग या पेंशन रिकॉर्ड में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर लाभार्थी अपने स्थानीय पंचायत कार्यालय, नगर निकाय, जिला प्रशासन या संबंधित सामाजिक कल्याण विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार का यह फैसला राज्य के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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