NEET पेपर लीक विवाद को लेकर बिहार में हुए छात्र आंदोलनों और प्रतिरोध मार्च के दौरान भड़की हिंसा के मामले में बिहार पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने CCTV कैमरों, ड्रोन फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है। अब तक पटना समेत पाँच जिलों से 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 1500 से ज्यादा संदिग्ध पुलिस की रडार पर हैं।
पटना में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियाँ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राज्यभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सबसे अधिक गिरफ्तारियाँ पटना से हुई हैं। राजधानी पटना में 258 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं सारण जिले में 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिनमें से 30 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
सासाराम में भी हिंसा में शामिल 35 लोगों की पहचान की जा चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
* उपद्रवियों से सावधान *
आज दिनांक-25.07.26 को लखीसराय जिला के समाहरणालय गेट एवं आस-पास के क्षेत्रों में हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवी असामाजिक तत्वों के द्वारा निजी वाहनों की तोड़-फोड़ एवं पुलिस बल पर डंडा,बोतल एवं अन्य सामान फेक कर प्रदर्शन को उग्र एवं हिंसक बनाने का..(1/3) pic.twitter.com/q0xOlkXzBy
— Lakhisarai Police (@LakhisaraiP) July 25, 2026
ड्रोन और CCTV फुटेज से हो रही पहचान
बिहार पुलिस के मुताबिक, 25 जुलाई 2026 को आयोजित प्रतिरोध मार्च के दौरान समाहरणालय गेट और आसपास के क्षेत्रों की रिकॉर्डिंग ड्रोन कैमरों, CCTV कैमरों और अन्य वीडियो माध्यमों से की गई थी। इन सभी फुटेज का विश्लेषण करने के बाद 19 संदिग्धों की तस्वीरें पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी की गई हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि वे जारी की गई तस्वीरों में किसी व्यक्ति को पहचानते हैं तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर और संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं।
नामजद नेताओं समेत 100 अज्ञात लोगों पर FIR
घटना के संबंध में कबैया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। FIR में युवा राजद के जिलाध्यक्ष विनय कुमार साव और छात्र नेता रौशन कुमार सिन्हा समेत 13 लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है। इसके अलावा 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
जांच के दौरान वीडियो फुटेज के आधार पर अमहरा थाना क्षेत्र के विक्कम निवासी पीयूष कुमार की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। थाना अध्यक्ष रणधीर कुमार ने बताया कि अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान जारी है।
प्रतिरोध मार्च के दौरान भड़की थी हिंसा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NEET परीक्षा पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और अन्य मांगों को लेकर विपक्षी दलों के छात्र संगठनों ने राज्यव्यापी प्रतिरोध मार्च का आयोजन किया था। लखीसराय में जब प्रशासन ने समाहरणालय गेट पर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस का आरोप है कि भीड़ में मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस बल पर ईंट, पत्थर, डंडे और बोतलें फेंकी गईं। इस दौरान कई निजी वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई और सरकारी कार्य में बाधा डालने की कोशिश की गई।
महिला सिपाही गंभीर रूप से घायल
हिंसा के दौरान महिला सिपाही वर्षा कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके सिर में पत्थर लगने से गहरी चोट आई, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल सभी आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
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