पटना के व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, प्रॉपर्टी विवाद बना मौत की वजह
पटना में चर्चित व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या के मामले में बिहार पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस हत्याकांड के पीछे पुराना प्रॉपर्टी विवाद और कारोबारी रंजिश थी। पटना में डीजीपी विनय कुमार और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि इस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जांच में पता चला कि अशोक शाह नामक व्यक्ति और गोपाल खेमका के बीच कई सालों से जमीन को लेकर तनातनी चल रही थी। करोड़ों की जमीन के इस झगड़े में व्यापारिक हित भी टकरा रहे थे। इसी दुश्मनी को खत्म करने के लिए अशोक शाह ने गोपाल खेमका की हत्या की साजिश रची और पेशेवर शूटर उमेश यादव को चार लाख रुपये की सुपारी दी।
हत्या के बाद पटना पुलिस और एसटीएफ की टीम ने मिलकर एसआईटी का गठन किया। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले सुराग, और मोटरसाइकिल की पहचान के आधार पर आरोपियों को ट्रैक किया गया। पुलिस ने बताया कि जब तक हत्या में प्रयुक्त बाइक की पहचान नहीं हो गई, तब तक टीमें लगातार जगह-जगह पहुंचती रहीं। बाइक की पहचान के बाद मालिक और फिर हत्यारे उमेश यादव को पटना शहर से गिरफ्तार किया गया।
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने पुष्टि की कि अशोक शाह इस हत्या का मास्टरमाइंड है और वह पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। इस हत्याकांड के सभी आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद बिहार में सियासी माहौल गर्म हो गया था। विपक्षी दलों ने नीतीश सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला बोला। लेकिन अब पुलिस द्वारा की गई तेज़ कार्रवाई और पूरे षड्यंत्र का खुलासा राज्य में कानून व्यवस्था की गंभीरता को दर्शाता है।