CoinDCX पर साइबर अटैक: ₹378 करोड़ का फ्रॉड, ग्राहकों के फंड सुरक्षित
भारत के प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में से एक CoinDCX पर 19 जुलाई को एक बड़ा साइबर हमला हुआ, जिसमें करीब 378 करोड़ रुपये (लगभग 44 मिलियन डॉलर) का नुकसान हुआ है। इस हमले की पुष्टि एक्सचेंज के को-फाउंडर नीरज खंडेलवाल ने 20 जुलाई को की। CoinDCX ने बताया कि यह साइबर अटैक उनके एक इंटरनल ऑपरेशनल अकाउंट पर हुआ, जिसका उपयोग एक पार्टनर एक्सचेंज पर लिक्विडिटी प्रोविजनिंग के लिए किया जाता था। हालांकि कंपनी ने यह साफ किया है कि इस हमले का कोई असर ग्राहकों के फंड या वॉलेट्स पर नहीं पड़ा है और सभी ग्राहक फंड पूरी तरह सुरक्षित हैं।
कंपनी ने कहा है कि इस नुकसान की भरपाई वह अपने खुद के ट्रेजरी रिजर्व से करेगी, जिससे यूजर्स पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। जांच में सामने आया है कि अटैकर ने चुराए गए फंड को वर्महोल के जरिए सोलाना-एथेरियम ब्रिज और जुपिटर नामक स्वैप एग्रीगेटर के जरिये दो वॉलेट्स में ट्रांसफर किया। यह ट्रांसफर 1,000 से 4,000 SOL के बैचों में किया गया।
CoinDCX ने दो प्रतिष्ठित साइबर सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर घटना की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है।
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब बीते साल WazirX पर भी एक बड़ा साइबर हमला हुआ था, जिसमें यूजर्स की लगभग ₹1,983 करोड़ की होल्डिंग्स चुराई गई थीं। CoinDCX की ताजा घटना ने एक बार फिर से क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं और इस क्षेत्र में मजबूत साइबर डिफेंस की जरूरत को रेखांकित किया है।