उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 स्थित बीटा-2 थाना क्षेत्र में पुलिस ने कथित धर्मांतरण रैकेट के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। रविवार (8 फरवरी 2026) को पुलिस ने एक मकान के बेसमेंट में चल रही प्रार्थना सभा पर छापेमारी की। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने घर के अंदर आयोजित चंगाई सभा को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और कार्रवाई की गई।
लालच देकर धर्मांतरण कराने का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेक्टर-36 के मकान नंबर बी-224 के बेसमेंट में नियमित रूप से ईसाई प्रार्थना सभाएँ आयोजित की जा रही थीं। स्थानीय लोगों को इस गतिविधि पर संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची। छापेमारी के दौरान बेसमेंट से धार्मिक किताबें, क्रॉस, मोमबत्तियाँ और ईसाई पूजा से जुड़ी सामग्री बरामद की गई। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि ये सभाएँ कई वर्षों से आयोजित हो रही थीं। आरोप है कि लोगों को पैसे, मुफ्त इलाज और बच्चों की शिक्षा में सहायता जैसे लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था।
चार आरोपी हिरासत में, जांच जारी
पुलिस ने टैक्सी चालक सुरेश कुमार, उसकी पत्नी, उसकी साली और चंद्रकिरण नामक एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और बरामद सामग्री की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या उत्तर प्रदेश के अवैध धर्मांतरण कानून के तहत किसी प्रावधान का उल्लंघन हुआ है।
स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों का विरोध
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासी और हिंदू संगठनों के सदस्य मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। हिंदू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष चैनपाल प्रधान ने दावा किया कि पिछले लगभग पांच वर्षों से इस स्थान पर प्रार्थना सभाएँ आयोजित हो रही थीं और पुलिस छापेमारी के दौरान वहां बड़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे मौजूद थे।
पुलिस के अनुसार, फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
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