प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 29 और 30 मई 2025 का बिहार दौरा राजनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत अहम है, खासकर इस तथ्य को देखते हुए कि बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उनका यह दौरा विकास योजनाओं की घोषणाओं के साथ-साथ सियासी संदेश देने का भी माध्यम बन रहा है।
दौरे का कार्यक्रम:
29 मई – पटना:
- पटना एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन।
- बिहटा एयरपोर्ट का शिलान्यास।
- एयरपोर्ट से बीजेपी कार्यालय तक 4 किलोमीटर लंबा रोड शो (लगभग 45 मिनट का)।
- बीजेपी कार्यालय में NDA सांसदों, विधायकों और पार्षदों के साथ बैठक – फोकस: विधानसभा चुनाव की रणनीति।
30 मई – रोहतास (विक्रमगंज):
- लगभग ₹50,000 करोड़ की योजनाओं की सौगात।
- नवीनगर पावर प्लांट (₹29,000 करोड़) और पटना-सासाराम एक्सप्रेसवे का शिलान्यास।
- विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
सियासी समीकरण – शाहाबाद क्षेत्र (रोहतास सहित):
NDA की कमजोर स्थिति:
- शाहाबाद क्षेत्र में 20 विधानसभा सीटें आती हैं।
- 2024 लोकसभा और 2020 विधानसभा दोनों चुनावों में महागठबंधन (RJD+Congress+Left) का प्रदर्शन बेहतर रहा।
2024 लोकसभा चुनाव परिणाम:
| लोकसभा सीट | विजेता पार्टी | सांसद |
|---|---|---|
| बक्सर | RJD | सुधाकर सिंह |
| सासाराम | कांग्रेस | मनोज कुमार |
| काराकाट | CPIML | राजा राम सिंह |
2020 विधानसभा चुनाव – रोहतास जिले की 7 सीटें:
| विधानसभा सीट | पार्टी | विधायक |
|---|---|---|
| काराकाट | CPM | अरुण सिंह |
| डेहरी | RJD | फतेह बहादुर कुशवाहा |
| नोखा | RJD | अनीता देवी |
| दिनारा | RJD | विजय कुमार मंडल |
| करगहर | कांग्रेस | संतोष कुमार मिश्रा |
| सासाराम | RJD | राजेश कुमार गुप्ता |
| चेनारी | कांग्रेस → अब BJP | मुरली प्रसाद गौतम |
यानी रोहतास जिले की सभी 7 विधानसभा सीटें 2020 में महागठबंधन के पास थीं।
2024 में तीनों लोकसभा सीटें भी विपक्ष के पास चली गईं।
दौरे का राजनीतिक महत्व:
- NDA की खोई जमीन वापसी की कोशिश: शाहाबाद जैसे क्षेत्रों में PM मोदी के दौरे से संदेश देने की कोशिश – “विकास वापस लाने के लिए NDA जरूरी है”।
- जनता को योजनाओं का लाभ दिखाकर वोट साधना: पावर प्लांट, एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं स्थानीय युवाओं और किसानों को लक्षित कर जनता को लुभाने की रणनीति।
- महागठबंधन के प्रभाव को तोड़ने की कोशिश: कांग्रेस और वामदलों की सीटों पर कमजोरी की तलाश कर वहां से सेंध लगाने की मंशा।
चुनावी असर का अनुमान:
- यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ₹50,000 करोड़ की घोषणाएं, पीएम का रोड शो, और सीधे पार्टी नेताओं से संवाद – मिलकर एनडीए को शाहाबाद और उससे सटे इलाकों में राजनीतिक संजीवनी दे पाएंगे या नहीं।
- चुनाव पूर्व माहौल बनाने और पार्टी कार्यकर्ताओं को मोरल बूस्ट देने का भी उद्देश्य स्पष्ट है।