नागपुर के उत्तर-पश्चिमी इलाके में गरीब बच्चों के लिए काम करने वाले NGO यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसाइटी के प्रमुख रियाज फाजिल काजी को जबरन धर्मांतरण और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
मामले में मंकापुर पुलिस स्टेशन में शनिवार (18 अप्रैल 2026) रात करीब 10 बजे FIR दर्ज की गई, जिसके आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए काजी को हिरासत में ले लिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, FIR में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें युवा महिलाओं के साथ छेड़छाड़, जबरन नमाज पढ़वाना, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने के लिए मजबूर करना और फर्जी Instagram अकाउंट बनाकर स्टॉकिंग करना शामिल है।
ATS भी जांच में शामिल
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने भी अलग से जांच शुरू कर दी है। पुलिस CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों, कर्मचारियों और परिजनों के बयान तथा ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है।
Mu$lims are involved in every sector for conversion.
NAGPUR AFTER NASHIK
This time an NGO operator accused of forced religious conversion, harassment, and coercion of women to adopt Islamic dress and practices.
Fazil Kazi, has been arrested by police.
Given the seriousness of… pic.twitter.com/PEEcZOU43E
— Oxomiya Jiyori 🇮🇳 (@SouleFacts) April 20, 2026
शिकायतकर्ता का आरोप
मुख्य शिकायतकर्ता 23 वर्षीय महिला है, जो सितंबर 2023 से NGO में एडमिन और HR हेड के रूप में काम कर रही थी। शिकायत के अनुसार, 18 जुलाई 2024 को जन्मदिन पार्टी के बाद काजी ने उसे केबिन में बुलाकर जबरन गले लगाया, माथे पर किस किया और आपत्तिजनक बातें कही।
महिला का आरोप है कि काजी ने CCTV कैमरा बंद कर दिया और बार-बार छेड़छाड़ की कोशिश की। विरोध करने पर उसका व्यवहार आक्रामक हो गया और अन्य कर्मचारियों से उसकी निजी जानकारी भी जुटाई गई।
बहन और अन्य कर्मचारियों के आरोप
शिकायतकर्ता की बड़ी बहन, जो नवंबर 2025 में NGO से जुड़ी थी, ने भी आरोप लगाया कि फील्ड विजिट के दौरान उसे धार्मिक प्रथाओं का पालन करने के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर उसे बदनाम किया गया, जिसके बाद उसने नौकरी छोड़ दी।
इसके अलावा एक 24 वर्षीय शिक्षिका सहित कई कर्मचारियों ने काजी के व्यवहार से परेशान होकर इस्तीफा दे दिया। उन्होंने भी जबरन धार्मिक दबाव और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं।
फोन कॉल विवाद और केस दर्ज
13 अप्रैल 2026 को काजी पर एक पूर्व कर्मचारी की मां को फोन कर शिकायतकर्ता और उसके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणी करने का आरोप है। इस कॉल की रिकॉर्डिंग 17 अप्रैल को वायरल हुई।
18 अप्रैल को जब पीड़ित पक्ष NGO ऑफिस पहुंचा, तो वह बंद मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
कोर्ट में पेशी और रिमांड
मामले की जांच कर रहे वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हारेश कलसेकर के अनुसार, आरोपी को 19 अप्रैल 2026 को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 23 अप्रैल तक पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है। फिलहाल तीन महिलाएं शिकायत दर्ज करा चुकी हैं और आगे भी और शिकायतें सामने आने की संभावना है।
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