बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार कई सीटों पर बेहद रोमांचक मुकाबले देखने मिले, जहाँ जीत-हार बहुत मामूली अंतर से तय हुई. प्रदेश में जहाँ एक ओर एनडीए ने 200 से अधिक सीटें जीतकर बड़ी और ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे निर्वाचन क्षेत्र भी रहे जहाँ जनता का फैसला चंद वोटों पर टिक गया. सबसे कम अंतर से जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवार जेडीयू के रामचरण साह रहे, जिन्होंने संदेश विधानसभा क्षेत्र से मात्र 27 वोट के बेहद नज़दीकी अंतर से जीत हासिल की. उन्हें कुल 80,598 वोट मिले, जबकि आरजेडी प्रत्याशी दीपू सिंह को 80,571 मत प्राप्त हुए. इस सीट पर जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार राजीव रंजन राज को 6,040 वोट मिले, जिसने इस मुकाबले को और पेचीदा बना दिया.
इसी तरह अगिआंव सीट पर बीजेपी के महेश पासवान 95 वोट से विजयी रहे. उन्हें 69,412 मत मिले, जबकि सीपीआई (एम-एल) के शिव प्रकाश रंजन के खाते में 69,317 वोट आए. बलरामपुर निर्वाचन क्षेत्र में एलजेपी (रामविलास) की संगीता देवी ने 389 वोटों से जीत दर्ज की. उन्हें 80,459 वोट मिले, जबकि एआईएमआईएम उम्मीदवार मोहम्मद आदिल हुसैन को 80,070 वोट मिले.
इसके अलावा बख्तियारपुर सीट पर भी दिलचस्प मुकाबला देखने मिला, जहाँ एलजेपी (रामविलास) उम्मीदवार अरुण कुमार ने 981 वोटों से जीत दर्ज की. उन्हें 88,520 वोट मिले और आरजेडी के अनिरुद्ध कुमार को 87,539 वोट मिले. बोधगया सीट से आरजेडी के कुमार सर्वजीत ने 881 वोटों के मामूली अंतर से जीत प्राप्त की. इसी प्रकार चनपटिया से कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक रंजन 602 वोट से विजयी रहे.
ढाका विधानसभा क्षेत्र में आरजेडी उम्मीदवार फैसल रहमान ने 178 वोट से जीत दर्ज की, जहाँ उन्हें 1,12,727 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी पवन कुमार जैसवाल को 1,12,549 वोट मिले. फारबिसगंज सीट पर भी कांग्रेस की ओर से मनोज विश्वास ने 221 वोटों से जीत दर्ज की. उन्हें 1,20,114 वोट प्राप्त हुए जबकि भाजपा उम्मीदवार विद्या सागर केशरी को 1,19,893 वोट मिले.
इन बेहद करीबी परिणामों ने इस चुनाव को और अधिक दिलचस्प, प्रतिस्पर्धी और ऐतिहासिक बना दिया, यह दर्शाते हुए कि लोकतंत्र में हर एक वोट की कीमत कितनी महत्वपूर्ण होती है और जनादेश कितना सूक्ष्म, संवेदनशील तथा अप्रत्याशित हो सकता है।’
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