ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका ने अपने रक्षा बजट में अभूतपूर्व बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। व्हाइट हाउस ने 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 140 लाख करोड़ रुपये) का रक्षा बजट मांगने का प्रस्ताव पेश किया है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो यह अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा बजट होगा।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव पिछले साल की तुलना में 40% अधिक है। प्रस्तावित बजट का उद्देश्य है:
- अमेरिकी गोला-बारूद भंडार को मजबूत करना
- नौसेना के बेड़े का विस्तार
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम का काम शुरू करना
- सभी सैन्य कर्मियों की सैलरी में 5-7% बढ़ोतरी
बजट में गैर-रक्षा खर्च में कटौती
बजट प्रस्ताव में गैर-रक्षा खर्च में 10% की कटौती की योजना है, जो लगभग 73 अरब डॉलर होगी। इसमें शामिल हैं:
- ‘लो इनकम होम एनर्जी असिस्टेंट प्रोग्राम’ – 4 अरब डॉलर
- ‘कम्युनिटी सर्विसेज ब्लॉक ग्रांट’ – 77.5 करोड़ डॉलर
- डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी – 15 अरब डॉलर
- जलवायु और क्लीन एनर्जी रिसर्च – 1 अरब डॉलर
इंटीरियर डिपार्टमेंट और गरीब/बेघर लोगों की आवास योजनाओं में भी लगभग 12% की कटौती प्रस्तावित है।
इसके अलावा:
- IRS की फंडिंग में 1.4 अरब डॉलर की कटौती
- इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी में 4.2 अरब डॉलर की कटौती
- ‘मेलानिया ट्रंप फॉस्टर यूथ टू इंडिपेंडेंस इनिशिएटिव’ के लिए 50 लाख डॉलर का फंड
न्यूक्लियर हथियार और नेशनल सिक्योरिटी
नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन के लिए 3.5 अरब डॉलर से ज्यादा फंड बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसका उपयोग नए न्यूक्लियर हथियार बनाने और मौजूदा हथियारों को आधुनिक बनाने में किया जाएगा।
इस प्रस्ताव से स्पष्ट होता है कि ट्रंप प्रशासन रक्षा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है, भले ही वह बार-बार कहें कि अमेरिका जल्द ही युद्ध से बाहर निकल जाएगा।
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