छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलवाद के खिलाफ एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है, जब 208 नक्सलियों ने सरकारी समर्पण अभियान के तहत आत्मसमर्पण किया। इनमें 98 पुरुष और 110 महिलाएँ शामिल हैं, जिन्होंने कुल 153 हथियारों के साथ सरेंडर किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में AK-47, INSAS, SLR राइफल, BGL लॉन्चर, पिस्टल, कार्बाइन और अन्य छोटे हथियार शामिल थे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस आत्मसमर्पण के बाद अबूझमाड़ का अधिकांश क्षेत्र नक्सल मुक्त माना जा रहा है, जिससे सुरक्षा की स्थिति में काफी सुधार आया है और उत्तर बस्तर में नक्सल आतंक लगभग समाप्त हो गया है। अब नक्सलवाद केवल दक्षिण बस्तर तक सीमित रह गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं और वहां के नागरिकों को भयमुक्त जीवन जीने का अवसर मिल सके।
#WATCH | Chhattisgarh | 208 Naxalites surrender and lay down their weapons before security forces in Bastar's Jagdalpur to join the mainstream, as they express confidence in the Constitution of India pic.twitter.com/mDkpFOvLSP
— ANI (@ANI) October 17, 2025
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ मिलेगा, जिसके तहत उन्हें वित्तीय सहायता, रोजगार, खेती या छोटे व्यवसाय शुरू करने की ट्रेनिंग और उनके बच्चों के लिए शिक्षा की सुविधा दी जाएगी। यह कदम न केवल उनके सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि नक्सलवाद के जड़ से खत्म करने की दिशा में भी निर्णायक साबित होगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऐतिहासिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार न केवल नक्सलियों बल्कि उनके समर्थकों और सहयोगियों पर भी सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग नक्सलियों को आर्थिक सहायता, फंडिंग या वैचारिक समर्थन प्रदान करते हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। अमित शाह ने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा और अस्थिरता को सहन नहीं किया जाएगा और सुरक्षा बल पूरी तरह से तैयार हैं।
#WATCH | Jagdalpur, Chhattisgarh | A total of 208 Naxalites brought to police lines to surrender along with 153 weapons and undergo rehabilitation. With this, most of Abujhmad will be freed from Naxal influence, and the Red terror will come to an end in North Bastar. Now, only… pic.twitter.com/7HpVhjU29s
— ANI (@ANI) October 17, 2025
इस घटना के महत्व को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की रणनीति सफल रही है। सरकार का प्रयास है कि मार्च 2026 तक पूरे राज्य और देश में नक्सलवाद को समाप्त किया जाए। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को न केवल कानूनी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें समाज में पुनः एक सकारात्मक भूमिका निभाने का मौका भी दिया जाएगा। इस प्रक्रिया से नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास और शांति की दिशा में बड़ी प्रगति होने की संभावना है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel