प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में दिल्ली मेट्रो के फेज–V (A) के तहत तीन नए मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के तहत कुल 16.076 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन के निर्माण को स्वीकृति मिली है, जिससे दिल्ली और एनसीआर की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 12,014.91 करोड़ रुपये है। परियोजना को केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों के सहयोग से पूरा किया जाएगा।
माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय कैबिनेट ने ₹12,015 करोड़ की दिल्ली मेट्रो के फेज 5(A) परियोजना को मंजूरी दी है, जिसमें 13 स्टेशन होंगे।
16 किमी लंबी इस मेट्रो परियोजना से दिल्ली के हर कोने तक आना-जाना और भी आसान होगा, साथ ही प्रदूषण एवं जाम की… pic.twitter.com/odvykAogKy
— Vinod Tawde (@TawdeVinod) December 24, 2025
जिन तीन कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, उनमें आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (9.913 किमी), एरोसिटी से आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 (2.263 किमी) और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (3.9 किमी) शामिल हैं। इन तीनों कॉरिडोर के अंतर्गत कुल 13 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 10 स्टेशन भूमिगत और 3 स्टेशन एलिवेटेड होंगे।
सरकार ने इस परियोजना को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक का कॉरिडोर बॉटेनिकल गार्डन–आर.के. आश्रम मार्ग लाइन का विस्तार होगा, जिससे पुनर्विकसित सेंट्रल विस्टा क्षेत्र को सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे कर्तव्य भवनों में काम करने वाले कर्मचारियों और आने वाले आगंतुकों को बड़ी सुविधा होगी।
सरकार के अनुसार इस कॉरिडोर से प्रतिदिन लगभग 60 हजार कार्यालयकर्मियों और करीब 2 लाख आगंतुकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं एरोसिटी से टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक के कॉरिडोर, एरोसिटी–तुगलकाबाद लाइन का विस्तार होंगे। इससे साकेत, कालिंदी कुंज, तुगलकाबाद और दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों को घरेलू हवाई अड्डे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
आर.के. आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ सेक्शन पर प्रस्तावित स्टेशनों में आर.के. आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल–हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं। तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज सेक्शन पर सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज स्टेशन बनाए जाएंगे, जबकि एरोसिटी स्टेशन को आगे आईजीडी टर्मिनल-1 से जोड़ा जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन मेट्रो विस्तार परियोजनाओं से सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। अनुमान है कि इससे हर साल लगभग 33 हजार टन CO₂ उत्सर्जन घटेगा।
फिलहाल दिल्ली मेट्रो के फेज-IV के तहत 111 किलोमीटर लंबी लाइनों और 83 स्टेशनों का निर्माण कार्य जारी है। प्राथमिकता वाले तीन कॉरिडोर में से लगभग 80.43 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा हो चुका है और इन्हें दिसंबर 2026 तक चरणबद्ध रूप से शुरू करने की योजना है।
वर्तमान में दिल्ली मेट्रो रोजाना औसतन करीब 65 लाख यात्रियों को सेवा दे रही है। अब तक का सबसे ज्यादा यात्री रिकॉर्ड 8 अगस्त 2025 को 81.87 लाख दर्ज किया गया था। दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में इस समय डीएमआरसी द्वारा 12 मेट्रो लाइनों, लगभग 395 किलोमीटर नेटवर्क और 289 स्टेशनों का संचालन किया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो देश का सबसे बड़ा और दुनिया के प्रमुख मेट्रो नेटवर्क में शामिल मानी जाती है।
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