राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत 26 से 28 अगस्त तक दिल्ली के प्रगति भवन में समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद करेंगे। यह आयोजन आरएसएस के शताब्दी वर्ष की शुरुआत से पहले की एक बड़ी पहल है, जिसका उद्देश्य संघ के कार्यों और उद्देश्यों को स्पष्ट करना और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना है। इस तीन दिवसीय संवाद में शिक्षाविद, समाजसेवी, वैज्ञानिक, उद्योगपति, साहित्यकार और पत्रकार शामिल होंगे। इससे पहले 2018 में भागवत ने दिल्ली के विज्ञान भवन में इसी तरह का संवाद किया था।
आरएसएस का शताब्दी वर्ष 2 अक्टूबर 2025 को नागपुर में विजयादशमी के अवसर पर शुरू होगा। इस मौके पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में विशेष संवाद सत्र होंगे, जहां समाज के प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। मार्च 2025 से अब तक 28,000 से अधिक लोग ‘जॉइन आरएसएस’ के लिए नाम दर्ज करा चुके हैं, जो संगठन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
शताब्दी वर्ष के अंतर्गत खंड, बस्ती और मंडल स्तर पर हिंदू सम्मेलन आयोजित होंगे, जहां सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। हर शाखा पर विजयादशमी का आयोजन होगा और नवंबर में 21 दिनों तक गृह संपर्क अभियान चलेगा। इस दौरान स्वयंसेवक घर-घर जाकर संघ के उद्देश्यों को साहित्य और संवाद के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा, सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन जिला स्तर पर होगा, जिनमें हिंदू समाज के सभी समुदायों को एकजुट कर कुरीतियों को दूर करने और सद्भाव बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
अक्टूबर के बाद सभी जिला केंद्रों पर प्रमुख नागरिक गोष्ठियां और युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे, ताकि उन्हें सामाजिक कार्यों से जोड़ा जा सके। ये आयोजन सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होंगे।