देशभर में चलाए गए एक बड़े आतंकरोधी अभियान में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। आंध्र प्रदेश और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ISIS और अलकायदा से जुड़े एक अंतर-राज्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 12 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मिर्जा सोहेल बेग, मोहम्मद दानिश (आंध्र प्रदेश), शादमान दिलकुश, अजमनुल्लाह खान (बिहार), लकी अहमद (दिल्ली), मीर आसिफ अली (पश्चिम बंगाल), जीशान (राजस्थान), अब्दुल सलाम (कर्नाटक), शाहरुख खान, शियाक पियाज उर रहमान (महाराष्ट्र) और सईदा बेगम (तेलंगाना) के रूप में हुई है।
ISIS और AQIS से जुड़े तार
जांच में सामने आया है कि इन आतंकियों के संबंध अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) और ISIS जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से थे। ये आरोपी एक गेमिंग ऐप के जरिए विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे और इनके तार ‘Benex Com’ नामक समूह से भी जुड़े पाए गए हैं, जिसका संबंध ISIS नेटवर्क से बताया जा रहा है।
BREAKING : 12 individuals with alleged links to ISIS and Al-Qaeda arrested after connecting via a gaming app.
Names : Mohammad Rahmatullah Shareef, Mirza Sohail Beg, and Mohammad Danish, who reportedly formed a group named “Al Malik Islamic Youth.”
Terrorism has no religion 🤡 pic.twitter.com/OMrSxXzds9
— Frontalforce 🇮🇳 (@FrontalForce) March 27, 2026
सोशल मीडिया और ऑनलाइन कट्टरपंथ
पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ गतिविधियों में सक्रिय थे। वे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने, ISIS के झंडे का समर्थन करने और भारत को इस्लामिक स्टेट बनाने जैसी आपत्तिजनक बातें कर रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग पाकिस्तान जाकर आतंकी प्रशिक्षण लेने की योजना बना रहे थे और अन्य युवाओं को भी जिहाद के लिए प्रेरित कर रहे थे।
‘Al-Malik Islamic Youth’ ग्रुप का खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों में से तीन—मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मोहम्मद दानिश और मिर्जा सोहेल बेग—ने ‘Al-Malik Islamic Youth’ नाम से एक ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करने और उन्हें जिहाद के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही थी।
ओसामा बिन लादेन से प्रेरित गतिविधियां
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ओसामा बिन लादेन के वीडियो देखकर कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे थे और आतंकी प्रचार में सक्रिय थे।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। डिजिटल साक्ष्यों और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पड़ताल की जा रही है, ताकि इस आतंकी साजिश के हर पहलू का खुलासा किया जा सके।
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